‘गोल्डन ऑवर’ में जान बचाने के लिए महाराष्ट्र में Air Ambulance सेवा की तैयारी, DPR के लिए Consultant नियुक्त करने का प्रस्ताव
Maharashtra Plans Air Ambulance Service To Save Lives During Golden Hour After Road Accidents
महाराष्ट्र सरकार सड़क हादसों में “Golden Hour” के भीतर इलाज पहुंचाने के लिए Air Ambulance सेवा शुरू करने की तैयारी में। DPR के लिए Consultant नियुक्त करने का प्रस्ताव।
महाराष्ट्र सरकार सड़क हादसों में घायल लोगों को “गोल्डन ऑवर” के भीतर इलाज पहुंचाने के लिए Air Ambulance सेवा शुरू करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए राज्य परिवहन विभाग ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने और व्यवहार्यता अध्ययन के लिए Consultant नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस अध्ययन और DPR तैयार करने की अनुमानित लागत करीब ₹29 लाख बताई गई है। हालांकि हाई-पावर कमेटी ने प्रस्ताव को स्वास्थ्य विभाग की विस्तृत जांच और सुझावों के बाद दोबारा पेश करने को कहा है।
राज्य सरकार का मानना है कि गंभीर सड़क हादसों में शुरुआती एक घंटा यानी “Golden Hour” मरीज की जान बचाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। खासकर हाईवे और दूरदराज क्षेत्रों में समय पर इलाज न मिलने से मौतों का खतरा बढ़ जाता है।
महाराष्ट्र में जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच 12,389 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज हुईं, जिनमें 4,827 हादसे घातक साबित हुए और 5,233 लोगों की मौत हुई। लगातार बढ़ते सड़क हादसों के बाद सरकार ने तेज मेडिकल रिस्पॉन्स सिस्टम की जरूरत महसूस की है।
बताया जा रहा है कि प्रस्तावित Air Ambulance सेवा को Public-Private Partnership (PPP) मॉडल के तहत चलाने की संभावना भी जांची जाएगी। Consultant राज्यभर के दुर्घटना-प्रवण मार्गों, हेलिपैड नेटवर्क, अस्पताल सुविधाओं और मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता का अध्ययन करेगा।
प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में Mumbai-Pune Expressway, Samruddhi Mahamarg, कोंकण क्षेत्र के हाईवे और आदिवासी इलाके शामिल हो सकते हैं, जहां गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में अधिक समय लगता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि एयर एम्बुलेंस जैसी सेवाएं ट्रॉमा, हार्ट अटैक और गंभीर दुर्घटना मामलों में जीवनरक्षक साबित हो सकती हैं। एयर ट्रांसपोर्ट सड़क ट्रैफिक की समस्या से बचाकर मरीज को तेजी से बड़े अस्पताल तक पहुंचाने में मदद करता है।
महाराष्ट्र सरकार अन्य राज्यों जैसे केरल, कर्नाटक और दिल्ली के एयर एम्बुलेंस मॉडल का भी अध्ययन कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि यदि यह योजना लागू होती है तो सड़क हादसों में मृत्यु दर कम करने में बड़ी मदद मिल सकती है।
फिलहाल प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय का इंतजार है, लेकिन इसे महाराष्ट्र के इमरजेंसी हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है।


