महायुती सरकार फिर घिरी: सेव्हन हिल्स हॉस्पिटल और ब्लड बैंक प्राइवेटाइजेशन प्रस्ताव पर सुधार समिति में हंगामा
Opposition Forces BMC To Reconsider SevenHills Hospital And Blood Bank Privatization Proposals In Mumbai
मुंबई में सेव्हन हिल्स हॉस्पिटल और BMC ब्लड बैंक निजीकरण प्रस्ताव पर बड़ा विवाद। विपक्ष के विरोध के बाद प्रस्ताव पुनर्विचार के लिए लौटाए गए।
मुंबई महानगरपालिका (BMC) की सुधार समिति की बैठक में सेव्हन हिल्स हॉस्पिटल और नगर निगम ब्लड बैंकों के निजीकरण को लेकर जोरदार राजनीतिक विवाद देखने को मिला। विपक्ष के तीखे विरोध के बाद महायुती सरकार को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा और कई प्रस्तावों को पुनर्विचार के लिए वापस भेजना पड़ा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अंधेरी स्थित 1500 बेड वाले SevenHills Hospital को Public-Private Partnership (PPP) मॉडल के तहत निजी कंपनी को सौंपने का प्रस्ताव रखा गया था। इसके साथ ही BMC अस्पतालों के ब्लड बैंक और रक्त प्रक्रिया सेवाओं को निजी संस्थाओं के हवाले करने का प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल था।
विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं का निजीकरण गरीब और मध्यमवर्गीय मरीजों के हितों के खिलाफ है। Aaditya Thackeray ने आरोप लगाया कि “मुंबई का खून और खुली जमीन बेची जा रही है।” उन्होंने कहा कि नागरिक स्वेच्छा से रक्तदान इस भरोसे के साथ करते हैं कि उसका उपयोग सार्वजनिक सेवा के लिए होगा, न कि व्यावसायिक लाभ के लिए।
कांग्रेस नेता Ashraf Azmi ने भी सेव्हन हिल्स परियोजना का विरोध करते हुए कहा कि BMC कोविड काल में इस अस्पताल को सफलतापूर्वक चला चुकी है, इसलिए इसे निजी हाथों में देने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि एक बार इतनी बड़ी सार्वजनिक संपत्ति निजी कंपनियों को सौंप दी गई तो भविष्य में अन्य बड़े सरकारी अस्पतालों के निजीकरण का रास्ता खुल सकता है।
बैठक में ब्लड बैंक निजीकरण प्रस्ताव पर भी भारी हंगामा हुआ। विपक्षी सदस्यों ने दावा किया कि निजी संस्थाओं को संचालन सौंपे जाने के बाद रक्त सेवाओं के शुल्क बढ़ सकते हैं और सार्वजनिक विश्वास प्रभावित होगा। कुछ नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित मॉडल में निजी कंपनियां भारी मुनाफा कमाने की कोशिश कर रही हैं।
जानकारी के अनुसार, प्रस्ताव में कांदिवली, घाटकोपर, वांद्रे, कुर्ला और बोरीवली के BMC अस्पतालों की रक्तपेढ़ियों और तकनीकी सेवाओं को PPP मॉडल पर चलाने की योजना शामिल थी। इसमें रक्त संग्रह, प्लाज्मा विभाजन और अन्य तकनीकी प्रक्रियाएं शामिल थीं।
विवाद बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis के हस्तक्षेप की भी खबरें सामने आईं। बाद में सुधार समिति ने सेव्हन हिल्स हॉस्पिटल और ब्लड बैंक से जुड़े प्रस्तावों को पुनर्विचार के लिए प्रशासन के पास वापस भेज दिया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले BMC चुनावों में बड़ा राजनीतिक विषय बन सकता है। सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण को लेकर विपक्ष लगातार महायुती सरकार पर दबाव बना रहा है।
फिलहाल BMC प्रशासन ने कहा है कि प्रस्तावों पर आगे विस्तृत समीक्षा के बाद ही अगला निर्णय लिया जाएगा।


