नवी मुंबई एयरपोर्ट नामकरण विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने दखल देने से किया इनकार, याचिका खारिज
Supreme Court Refuses To Interfere In Navi Mumbai Airport Naming Dispute, Says Naming Airports Is A Government Policy Matter
सुप्रीम कोर्ट ने नवी मुंबई एयरपोर्ट के नामकरण विवाद में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि एयरपोर्ट का नाम तय करना सरकार का नीतिगत फैसला है।
सुप्रीम कोर्ट ने नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नामकरण विवाद में हस्तक्षेप करने से साफ इनकार कर दिया है। अदालत ने उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें केंद्र सरकार को एयरपोर्ट का नाम “लोकनेते डी. बी. पाटील नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट” रखने के प्रस्ताव पर समयबद्ध फैसला लेने का निर्देश देने की मांग की गई थी।
मुख्य न्यायाधीश Surya Kant की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि एयरपोर्ट का नाम तय करना सरकार का नीतिगत फैसला है और अदालत इस तरह के मामलों में दखल नहीं दे सकती। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने टिप्पणी की, “क्या यह अदालत का काम है कि एयरपोर्ट का नाम क्या होना चाहिए?”
यह याचिका ‘प्रकाशज्योत सामाजिक संस्था’ की ओर से दायर की गई थी। संस्था ने मांग की थी कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा भेजे गए प्रस्ताव पर केंद्र सरकार जल्द निर्णय ले। महाराष्ट्र सरकार पहले ही एयरपोर्ट का नाम “लोकनेते डी. बी. पाटील नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट” रखने का प्रस्ताव भेज चुकी है।
सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने आंदोलन कर रहे लोगों को संदेश देते हुए कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन आम जनता को परेशानी पहुंचाकर या सड़कें जाम करके आंदोलन नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती।
सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2025 में Bombay High Court द्वारा दिए गए फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई से भी इनकार कर दिया। बॉम्बे हाई कोर्ट ने पहले ही कहा था कि एयरपोर्ट का नामकरण पूरी तरह सरकार के अधिकार क्षेत्र का विषय है और अदालत इस पर निर्देश जारी नहीं कर सकती।
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हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को सक्षम प्राधिकरण के समक्ष अपनी मांग रखने की स्वतंत्रता दी है। अदालत ने साफ कहा कि न्यायपालिका नीति निर्माण का हिस्सा नहीं बन सकती।
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इस फैसले के बाद नवी मुंबई और रायगढ़ क्षेत्र में डी. बी. पाटील समर्थकों में नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय भूमिपुत्र संगठनों और विभिन्न सामाजिक समूहों ने लंबे समय से एयरपोर्ट का नाम डी. बी. पाटील के नाम पर रखने की मांग की है।
राजनीतिक स्तर पर भी यह मुद्दा काफी संवेदनशील रहा है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis पहले कह चुके हैं कि एयरपोर्ट का नाम डी. बी. पाटील के नाम पर रखने को लेकर सकारात्मक आश्वासन मिला है। हालांकि अंतिम निर्णय केंद्र सरकार के स्तर पर लंबित है।


