मुंबई पहुंचे ईरानी हमले में बचे 15 क्रू मेंबर्स, मारे गए 1 इंजीनियर का शव नहीं आया
15 crew members who survived the Iranian attack have arrived in Mumbai; the body of one engineer who was killed has not been found.
ईरानी ड्रोन हमले का शिकार बने मार्शल आइलैंड्स के यूएस झंडे वाले तेल टैंकर एमटी सेफ-सी विष्णु पर सवार 29 लोगों में जीवित बचे 15 लोग 20 मार्च को सकुशल मुंबई लौट आए। इस जहाज पर 17 भारतीय क्रू मेंबर थे, ज़िनमें एक लापता हैं और एक की मौत हो चुकी हैं। यूएस के मालिकाना हक वाले इस जहाज पर इंजिनियर देवनंदन प्रसाद सिंह (54) भी सवार थे, जिनकी मौत हो गई।
मुंबई : ईरानी ड्रोन हमले का शिकार बने मार्शल आइलैंड्स के यूएस झंडे वाले तेल टैंकर एमटी सेफ-सी विष्णु पर सवार 29 लोगों में जीवित बचे 15 लोग 20 मार्च को सकुशल मुंबई लौट आए। इस जहाज पर 17 भारतीय क्रू मेंबर थे, ज़िनमें एक लापता हैं और एक की मौत हो चुकी हैं। यूएस के मालिकाना हक वाले इस जहाज पर इंजिनियर देवनंदन प्रसाद सिंह (54) भी सवार थे, जिनकी मौत हो गई। सिंह का परिवार कांदिवली के रहेजा हाइट्स में रहते हैं। रिश्तेदार चंदन सिंह ने बताया कि देवनंदन जी का शव लाने का पेपर वर्क प्रोसेस में है। इसमें और एक सप्ताह लग सकता है। देवनंदन बिहार के भागलपुर के निवासी थे। बता दें कि 12 मार्च को इराक में बसरा के पास खोर अल ज़ुबैर पोर्ट के पास युद्ध आरंभ होने के 9 दिन बाद आईआरजीसी की चेतावनियों को नजरअंदाज़ करने पर जहाज पर हमला हुआ था।
इराकी कोस्ट गार्ड ने बचाया:
कांजुरमार्ग स्थित डीजी शिपिंग कंपनी से जुड़े एक सोर्स ने बताया कि हमला होने के बाद सभी 29 क्रू मेंबर जहाज छोड़कर अपनी सुरक्षा के लिए पानी में कूद पड़े, जिन्हें बाद में इराकी कोस्ट गार्ड ने बचाया। इनमें 17 भारतीय और 12 फिलिपिंस के नागरिक थे। एक भारतीय देवनंदन सिंह की मौत हो गई, जबकि एक लापता बताए जा रहे हैं। सभी को बसरा पोर्ट पर ले जाया गया था।
होमटाउन भेजे गए सभी क्रू मेंबर्स:
सू्त्रों ने बताया कि डॉक्यूमेंट्स नहीं होने के कारण सभी भारतीय 15 क्रू मेंबर्स का बसरा पोर्ट पर 3 दिनों तक चले ट्रैवल प्रोसेस पूरे होने के बाद उन्हें मुंबई भेजा गया। मेडिकल जांच और काउंसलिंग के बाद सभी क्रू मेंबरों को उनके होमटाउन भेज दिए गए, ज़िनमें 3 मेंबर मुंबई के ही रहने वाले हैं। इस हमले में जिन क्रू मेंबर्स के डॉक्यूमेंट्स जल गए या बह गए, उन्हें डॉक्यूमेंट्स और कम्पेनसेशन प्रोसेस 3 से 6 महीने में पूरा करनेे का समय दिया गया है।
फैक्ट फाइल:
-22 भारतीय व्यापारी जहाज़, जिनमें लगभग 1.7 मिलियन टन ज़रूरी एनर्जी कार्गो है, जिसमें 1.67 मिलियन टन कच्चा तेल, 3.2 लाख टन LPG और 2 लाख टन LNG शामिल है, होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे हुए हैं।
-इन 22 जहाजों पर कुल 611 भारतीय नाविक फंसे हुए हैं और अभी तक भारत वापस नहीं आए हैं।
-लगभग 23,000 भारतीय नाविक और वर्कर वेस्ट एशिया कॉन्फ्लिक्ट ज़ोन में, खासकर फ़ारस की खाड़ी और ईरान के आसपास फंसे हुए हैं।
-अभी होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में लगभग 3,200 जहाज़ फंसे हुए हैं या रुके हुए हैं।
-शिवालिक, नंदा देवी और जग लाडकी समेत कुछ जहाजों को हाल ही में सुरक्षित रास्ता दिया गया और वे मुंद्रा और कांडला जैसे भारतीय बंदरगाहों पर पहुंच गए हैं।


