नई दिल्ली : बंगाल के मंत्री ने अयोग्य शिक्षकों को भर्ती कर कमाए करोड़ों रुपये, ईडी ने अटैच की है 641 करोड़ की प्रॉपर्ट
New Delhi: Bengal minister earned crores of rupees by hiring unqualified teachers; ED has attached property worth Rs 641 crore.
पश्चिम बंगाल में हुए शिक्षक भर्ती घोटाले की परतें धीरे-धीरे खुल रही हैं। मंत्री, विधायक, अफसर और दूसरे व्यक्तियों ने शिक्षकों की भर्ती में करोड़ों रुपये कमा लिए। ईडी ने अब प्राथमिक शिक्षकों के भर्ती घोटाले में विधायक और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, वस्त्र एवं सुधार प्रशासन प्रभारी मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा पर शिकंजा कसा है।
नई दिल्ली : पश्चिम बंगाल में हुए शिक्षक भर्ती घोटाले की परतें धीरे-धीरे खुल रही हैं। मंत्री, विधायक, अफसर और दूसरे व्यक्तियों ने शिक्षकों की भर्ती में करोड़ों रुपये कमा लिए। ईडी ने अब प्राथमिक शिक्षकों के भर्ती घोटाले में विधायक और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, वस्त्र एवं सुधार प्रशासन प्रभारी मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा पर शिकंजा कसा है। चंद्रनाथ सिन्हा की 3.65 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत 31.12.2025 को अस्थायी रूप से जब्त किया गया है। योग्य एवं वास्तविक उम्मीदवारों को परे हटाकर अयोग्य और तय मापदंडों पर खरे न उतरने वाले युवाओं को सरकारी नौकरी दे दी गई। प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती में निष्पक्षता का पालन नहीं किया गया। आपराधिक साजिश के जरिए करोड़ों रुपये की संपत्ति एकत्रित की गई। इसकी मदद से आरोपियों ने चल-अचल प्रॉपर्टी खरीद ली।
सीबीआई द्वारा भारतीय दंड संहिता, 1860 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी ने इस मामले की जांच शुरू की थी। इस मामले में प्राथमिक शिक्षकों की अवैध नियुक्ति, अयोग्य, गैर-सूचीबद्ध और निम्न श्रेणी के उम्मीदवारों को नियुक्ति का प्रस्ताव देना शामिल रहा। योग्य एवं वास्तविक उम्मीदवारों को निष्पक्षता का पालन किए बिना, आपराधिक साजिश रचकर और संबंधित नियमों का उल्लंघन करते हुए अयोग्य लोगों को नौकरी दी गई। सीबीआई ने कोलकाता उच्च न्यायालय के निर्देशों पर एफआईआर दर्ज की थी।
इससे पहले, चंद्रनाथ सिन्हा के खिलाफ धन शोधन के अपराध के लिए कोलकाता स्थित विशेष न्यायालय (पीएमएलए) में 6 अगस्त, 2025 को छठी पूरक अभियोग शिकायत दर्ज की गई थी। चंद्रनाथ सिन्हा के आवासीय परिसर में 22 मार्च, 2024 को तलाशी ली गई थी, जिसमें 41 लाख रुपये नकद और अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए थे। जांच में चंद्रनाथ सिन्हा के बैंक खातों में बड़ी मात्रा में नकदी जमा होने का भी पता चला। जांच के दौरान यह भी पता चला कि चंद्रनाथ सिन्हा ने बोलपुर, बीरभूम के आसपास के क्षेत्र में अपने परिवार के सदस्यों का इस्तेमाल उनके नाम पर अचल संपत्तियां हासिल करने के लिए किया था, जिन्हें अस्थायी रूप से ईडी द्वारा अब जब्त कर लिया गया है।
इससे पहले, पश्चिम बंगाल के विधायक और पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी की करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के परिसरों पर तलाशी अभियान के दौरान ईडी ने 49.80 करोड़ रुपये नकद और 5.08 करोड़ रुपये के सोने के आभूषण बरामद कर जब्त किए थे। ईडी ने तत्कालीन शिक्षा विभाग के प्रभारी मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया था। इस मामले में कुल मिलाकर 95 करोड़ रुपये (लगभग) के 6 अस्थायी कुर्की आदेश (पीएओ) जारी किए जा चुके हैं।
नवीनतम अस्थायी कुर्की के साथ कुर्क की गई कुल संपत्ति 98.65 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है।
इस मामले में पश्चिम बंगाल के विधायक और पूर्व शिक्षा प्रभारी मंत्री पार्थ चटर्जी, अर्पिता मुखर्जी और विधायक माणिक भट्टाचार्य सहित 54 व्यक्तियों/संस्थाओं के खिलाफ आरोप तय किए गए हैं। इनके खिलाफ विशेष न्यायालय में मुकदमा चल रहा है। इसके अलावा, पीटीआरएस मामले में वर्तमान में कुल जब्ती और कुर्की लगभग 154.91 करोड़ रुपये है, जो आरोपी व्यक्तियों और संबंधित संस्थाओं के नाम पर है। एसएससी सहायक शिक्षक भर्ती और ग्रुप 'सी' और 'डी' स्टाफ भर्ती घोटालों से संबंधित मामलों में, ईडी ने लगभग 486 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की हैं। भर्ती घोटाले के मामलों में ईडी कोलकाता द्वारा की गई कुल कुर्की लगभग 641 करोड़ रुपये है।


