महाराष्ट्र केसरी के 67वें सत्र में भयंकर बवाल; हारने वाले पहलवान ने रेफरी के ऊपर ही चला दी लात

There was a huge uproar in the 67th season of Maharashtra Kesari; the losing wrestler kicked the referee

महाराष्ट्र केसरी के 67वें सत्र में भयंकर बवाल; हारने वाले पहलवान ने रेफरी के ऊपर ही चला दी लात

महाराष्ट्र केसरी के 67वें सत्र में भयंकर बवाल हो गया. इस मुकाबले में हारने वाले पहलवान ने रेफरी के ऊपर ही लात चला दी. इस मुकाबले का आयोजन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अजित पवार की मौजूदगी में हुआ था. महाराष्ट्र केसरी’ कुश्ती प्रतियोगिता के 67वें सत्र के मुकाबले के दौरान हारने वाले एक पहलवान ने रेफरी के सीने पर लात मार दी जबकि एक अन्य पहलवान ने उन्हें गालियां दी जिससे प्रतियोगिता में अफरा-तफरी का माहौल रहा. यह टूर्नामेंट रविवार को अहिल्यानगर में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल की मौजूदगी में आयोजित किया गया था. 

पुणे : महाराष्ट्र केसरी के 67वें सत्र में भयंकर बवाल हो गया. इस मुकाबले में हारने वाले पहलवान ने रेफरी के ऊपर ही लात चला दी. इस मुकाबले का आयोजन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अजित पवार की मौजूदगी में हुआ था. महाराष्ट्र केसरी’ कुश्ती प्रतियोगिता के 67वें सत्र के मुकाबले के दौरान हारने वाले एक पहलवान ने रेफरी के सीने पर लात मार दी जबकि एक अन्य पहलवान ने उन्हें गालियां दी जिससे प्रतियोगिता में अफरा-तफरी का माहौल रहा. यह टूर्नामेंट रविवार को अहिल्यानगर में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल की मौजूदगी में आयोजित किया गया था. 

पुणे के पहलवान पृथ्वीराज मोहोल को मैट वर्ग के सेमीफाइनल में विजेता घोषित किए जाने के बाद उनके प्रतिद्वंद्वी शिवराज राक्शे ने फैसले का विरोध करते हुए रेफरी के सीने पर लात मार दी. ‘महाराष्ट्र केसरी’ के दो बार के विजेता रक्शे ने कहा, ‘‘ मेरा कंधा मैट से नहीं टकराया था लेकिन रेफरी ने मेरी हार का फैसला सुना दिया. मैं जब अपने मामले को लेकर उनसे बहस कर रहा था तब मेरे साथ बदतमीजी की गयी. इसीलिए मैंने ऐसा कदम (लात मारना) उठाया. बीसीसी मराठी के वीडियो में यह मुकाबला लाइव रिकॉर्ड हो गया. 

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कुश्ती संस्था द्वारा तीन साल के लिए निलंबित किए गए रक्शे ने कहा कि रेफरी के खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि वह फैसले के खिलाफ अदालत जाएंगे. महाराष्ट्र कुश्ती संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष संदीप भोंडवे ने कहा कि ‘बाउट’ के दौरान रेफरी ने पुष्टि की कि रक्शे गिर गया था. साइड रेफरी और मैट चेयरमैन ने भी रेफरी के फैसले का समर्थन किया. 

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उन्होंने कहा, ‘‘ ‘यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग’ के अनुच्छेद 31 के तहत फैसले को रक्शे की चुनौती स्वीकार नहीं की गई. इस घटना के बाद रेफरी डर गए हैं और हो सकता है कि वे भविष्य में ऐसे टूर्नामेंटों में नहीं आयें.’’ इसके बाद  मोहोल और महेंद्र गायकवाड के बीच फाइनल मैच के दौरान भी विवाद हुआ. गायकवाड़ ने 16 सेकेंड शेष रहते मुकाबला छोड़ दिया और बाद में रेफरी पर अभद्र टिप्पणी की. गायकवाड़ को भी तीन साल के लिए निलंबित कर दिया गया. 
मोहोल ने प्रतिष्ठित ‘महाराष्ट्र केसरी’ खिताब जीतने के बाद कहा कि यह उनके कुश्ती करियर का सबसे बड़ा क्षण था. मोहोल ने कहा, ‘‘मैं रेफरी के फैसले के बारे में कुछ नहीं कह सकता. रेफरी का फैसला अंतिम होता है. मैं एक पहलवान हूं और मैंने अपना काम किया है.’’

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