PM मोदी को मराठा आरक्षण के लिए तुरंत लोकसभा सत्र बुलाना चाहिए - सांसद विनायक राऊत

PM Modi should immediately call Lok Sabha session for Maratha reservation - MP Vinayak Raut

PM मोदी को मराठा आरक्षण के लिए तुरंत लोकसभा सत्र बुलाना चाहिए - सांसद विनायक राऊत

मराठा आरक्षण मुद्दे पर हुई अहम बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री फडणवीस और अजीत पवार के नदारद रहने के कारण मराठा समुदाय में नाराजगी देखी जा रही है। साथ ही राजनीतिक हलकों से भी इसकी आलोचना हो रही है। मराठा आरक्षण उपसमिति की बैठक में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समेत दोनों उपमुख्यमंत्रियों को शामिल होना था, लेकिन अजीत पवार ने डेंगू का हवाला देते हुए कल से खुद को अपने घर में बंद कर लिया है, जबकि उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं। वे छत्तीसगढ़ में हैं, जबकि महाराष्ट्र में आग लगी हुई है। बैठक के बाद मुख्यमंत्री को अकेले ही प्रेस कॉन्फ्रेंस का सामना करना पड़ा।

मुंबई : मराठा आरक्षण को लेकर सरकार से लड़ रहे मनोज जरांगे पाटील को लेकर सरकार के दिमाग में क्या चल रहा है? सरकार को मराठा समाज को आरक्षण देने के लिए जरांगे पाटील ने मजबूर कर दिया है। लेकिन लगता है कि सरकार जरांगे पाटील को लेकर कोई साजिश रच रही है। कहीं जरांगे पाटील की हत्या की साजिश तो नहीं रची जा रही है? यह सवाल उठाते हुए शिवसेना नेता व सांसद विनायक राऊत ने केंद्र सरकार से मांग की कि लोकसभा का विशेष सत्र बुलाकर मराठा आरक्षण समस्या का निवारण किया जाए।

इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मराठा आरक्षण के लिए तुरंत लोकसभा सत्र बुलाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कपटी गद्दार सरकार जरांगे-पाटील के जीवन के साथ खेल रही है, जबकि जरांगे पाटील ने सरकार से सकारात्मक चर्चा के लिए तैयारी दर्शाई है। लेकिन सरकार के दलालों ने उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया है। लोकसभा का आपातकालीन विशेष सत्र बुलाना चाहिए। उसमें मराठा और धनगर आरक्षण बिल को भी मंजूरी मिलनी चाहिए।

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मराठा आरक्षण मुद्दे पर हुई अहम बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री फडणवीस और अजीत पवार के नदारद रहने के कारण मराठा समुदाय में नाराजगी देखी जा रही है। साथ ही राजनीतिक हलकों से भी इसकी आलोचना हो रही है। मराठा आरक्षण उपसमिति की बैठक में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समेत दोनों उपमुख्यमंत्रियों को शामिल होना था, लेकिन अजीत पवार ने डेंगू का हवाला देते हुए कल से खुद को अपने घर में बंद कर लिया है, जबकि उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं। वे छत्तीसगढ़ में हैं, जबकि महाराष्ट्र में आग लगी हुई है। बैठक के बाद मुख्यमंत्री को अकेले ही प्रेस कॉन्फ्रेंस का सामना करना पड़ा।

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जस्टिस शिंदे कमिटी ने कल अपनी अंतरिम रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी। इसे कल कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा। यह रिपोर्ट १३ पेज की है। किस जिले में मराठाओं की संख्या कितनी है, दस्तावेज समेत पूरी सूची दी गई है। रिपोर्ट में कुनबी रिकॉर्ड की विस्तृत जानकारी दी गई है।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने कहा कि कम से कम उपमुख्यमंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए था कि वह आरक्षण के मुद्दे पर सरकार के साथ हैं। उन्होंने कहा कि मराठा आरक्षण कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है। इस पर कोई हल निकले, समाज इसका इंतजार कर रहा है।

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