reveals
<% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<% if(node_description!==false) { %> <%= node_description %>
<% } %> <% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
Read More... मुंबई : बिजली की आपूर्ति न होने पर कई ट्वीट; एक घंटे में ही बिजली न होने पर औकात पता चल गई
Published On
By Online Desk
मुंबई के कई पश्चिमी हिस्सों में 30 जनवरी की रात करीब एक घंटे बिजली नही थी। इस बात की पुष्टि अडानी इलेक्ट्रिसिटी ने की थी। जिसके बाद कई लोग परेशान हुए। इसमें एक नाम फिल्ममेकर संजय गुप्ता का भी है, जिन्होंने 'कांटे', 'शूटआउट एट लोखंडवाला', 'जज़्बा', 'काबिल', 'मुंबई सागा' जैसी फिल्मों का डायरेक्शन किया है। उन्होंने एक्स हैंडल पर लिखा, 'एक घंटे पावर कट ने औकात बता दी।' मुंबई : कैसे बना फर्जी वोटर-आधार कार्ड? मुंबई में छिपे बांग्लादेशी घुसपैठिए ने बताया काला सच
Published On
By Online Desk
बांग्लादेश से बड़ी संख्या में घुसपैठिए भारत में दाखिल होते हैं. केंद्र सरकार अवैध घुसपैठियों को वापस भेजने की कार्रवाई में जुटी हुई है. ये घुसपैठिए अवैध तरीके से कैसे भारत में दाखिल होते हैं ये कई बार सामने आ चुका है. अवैध बांग्लादेशी घुसपैठिए, जो सरहद पार से आए, यहां बसे और अब मुंबई के भूगोल से लेकर भविष्य तक को बदलने की साजिश रच रहे हैं. मुंबई : संजय राउत के घर के बाहर धमकी भरा संदेश, जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं
Published On
By Online Desk
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि बुधवार दोपहर मुंबई में शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत के घर के बाहर एक कार खड़ी मिली, जिसकी खिड़की पर बम धमाके की धमकी वाला मैसेज लिखा था। इसके बाद बम डिटेक्शन टीम ने उनके घर की तलाशी ली। उन्होंने बताया कि भांडुप इलाके में राउत के घर की तलाशी के दौरान कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। मुंबई : बृहन्मुंबई नगर निगम चुनाव में महिला वोट कितना अहम? क्या चाहती है मुंबई की आधी आबादी...सामने आया ये सर्वे
Published On
By Online Desk
जैसे-जैसे मुंबई साल 2026 में होने वाले लंबे समय से टले बृहन्मुंबई नगर निगम चुनावों की ओर बढ़ रहा है, राजनीति का फोकस फिलहाल गठबंधनों के समीकरण, पार्टियों में टूट-फूट और नेतृत्व की खींचतान पर बना हुआ है। लेकिन इसी बीच सामने आए नए वोटर डेटा से पता चलता है कि शहर के सबसे अहम वोटर समूहों में से एक, यानी महिलाएं, अब भी चुनावी चर्चा में पीछे हैं और उनकी समस्याओं पर उतना ध्यान नहीं दिया जा रहा। 
