‘मरे हुए लोग चला रहे ऑटो?’ बोरीवली RTO में फर्जी परमिट रिन्यूअल का बड़ा खुलासा
‘Dead people driving autos?’ A major revelation of fake permit renewals at Borivali RTO
मुंबई के बोरीवली RTO में मृत लोगों के नाम पर ऑटो परमिट रिन्यू करने का बड़ा खुलासा हुआ है। मामले में जांच शुरू और वाहन जब्त।
मुंबई के बोरीवली Regional Transport Office (RTO) में कथित “घोस्ट परमिट” घोटाले का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। आरोप है कि कई ऑटो-रिक्शा परमिट और वाहन फिटनेस सर्टिफिकेट ऐसे लोगों के नाम पर रिन्यू किए गए, जिनकी पहले ही मौत हो चुकी थी। मामले के सामने आने के बाद RTO प्रशासन जांच के घेरे में आ गया है।
यह खुलासा RTO एजेंट Bhupesh Mishra की शिकायत के बाद हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ एजेंट और अधिकारियों की मिलीभगत से बिना वाहन मालिक की मौजूदगी या अनुमति के परमिट रिन्यू किए गए। कुछ मामलों में तो संबंधित वाहन मालिकों की कई साल पहले मौत हो चुकी थी।
जांच के दौरान कई चौंकाने वाले मामले सामने आए। एक ऑटो-रिक्शा परमिट कथित तौर पर मालिक की मौत के करीब तीन साल बाद रिन्यू किया गया। वहीं एक अन्य मामले में वाहन का फिटनेस पासिंग भी मालिक की मौत के बाद पूरा कर दिया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि यह सब मोटी रकम लेकर किया गया।
मामले में पूर्व नगरसेवक Sheetal Mhatre ने भी परिवहन आयुक्त को शिकायत देकर पूरे सिस्टम की जांच की मांग की है। उन्होंने पिछले तीन वर्षों में बोरीवली RTO में हुए सभी परमिट ट्रांजैक्शंस का ऑडिट कराने की मांग उठाई है।
फिलहाल दो ऑटो-रिक्शा जब्त किए जा चुके हैं और मामले की आधिकारिक जांच शुरू कर दी गई है। RTO अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस खुलासे के बाद मुंबई में RTO सिस्टम की पारदर्शिता और एजेंट नेटवर्क पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर भी लोग इस मामले को लेकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।


