पायधुनी परिवार मौत मामला: फॉरेंसिक रिपोर्ट में ज़िंक फॉस्फाइड की पुष्टि, ‘तरबूज मौत’ केस में बड़ा खुलासा

Pydhuni family death case: Forensic report confirms zinc phosphide, major revelation in 'watermelon death' case

पायधुनी परिवार मौत मामला: फॉरेंसिक रिपोर्ट में ज़िंक फॉस्फाइड की पुष्टि, ‘तरबूज मौत’ केस में बड़ा खुलासा

मुंबई के पायधुनी परिवार मौत मामले में फॉरेंसिक रिपोर्ट में ज़िंक फॉस्फाइड मिलने की पुष्टि हुई है। पुलिस अब जहरीले पदार्थ के स्रोत की जांच कर रही है।

 


मुंबई के पायधुनी इलाके में एक ही परिवार के चार लोगों की रहस्यमयी मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। फॉरेंसिक जांच में मृतकों के शरीर और तरबूज के नमूनों में ज़िंक फॉस्फाइड नामक जहरीले रसायन के अंश मिले हैं, जो आमतौर पर चूहे मारने की दवा में इस्तेमाल होता है। 

यह मामला अप्रैल के आखिर में सामने आया था, जब अब्दुल्ला डोकाडिया, उनकी पत्नी और दो बेटियों की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई थी। शुरुआती जांच में तरबूज खाने के बाद फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई गई थी, लेकिन अब जांच का फोकस जहरीले पदार्थ की ओर मुड़ गया है। 

फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की रिपोर्ट के अनुसार, ज़िंक फॉस्फाइड तरबूज और विसरा सैंपल दोनों में पाया गया है। अधिकारियों का मानना है कि जहरीला पाउडर संभवतः तरबूज काटने के बाद डाला गया हो सकता है। हालांकि पुलिस अभी सभी एंगल से जांच कर रही है, जिसमें दुर्घटना, आत्महत्या और साजिश की संभावना भी शामिल है। 

इससे पहले माइक्रोबायोलॉजी रिपोर्ट में किसी प्रकार के बैक्टीरियल इन्फेक्शन से इनकार किया गया था, जिसके बाद जांच एजेंसियों का शक ज़हरीले पदार्थ पर गया। 

सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर भी इस मामले को लेकर लोगों में भारी चिंता देखी जा रही है। कई यूज़र्स ने सवाल उठाए कि सामान्य फूड पॉइजनिंग से इतनी तेजी से चार लोगों की मौत होना असामान्य है। 

फिलहाल मुंबई पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि जहरीला पदार्थ तरबूज में कैसे पहुंचा।

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