सीकर : हीरो बनने का सपना, जेब में मात्र 1 हजार रुपये... 15 साल का लड़का पहुंच गया मुंबई
A dream to become a hero, with only 1,000 rupees in his pocket... a 15-year-old boy reaches Mumbai.
सीकर में अपनी मां और बहन के साथ किराए के मकान में रहने वाला 15 वर्षीय नाबालिग छात्र एक्टर बनने का सपना लेकर मुंबई चला गया. महज 1 हजार रुपए लेकर वह ट्रेन में बैठकर सीकर से मुंबई पहुंच गया. पुलिस ने उसे मुंबई के जुहू इलाके से सुरक्षित ढूंढकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया है.
मुंबई : सीकर में अपनी मां और बहन के साथ किराए के मकान में रहने वाला 15 वर्षीय नाबालिग छात्र एक्टर बनने का सपना लेकर मुंबई चला गया. महज 1 हजार रुपए लेकर वह ट्रेन में बैठकर सीकर से मुंबई पहुंच गया. पुलिस ने उसे मुंबई के जुहू इलाके से सुरक्षित ढूंढकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया है.
सीकर में रहता था नाबालिग
जानकारी के अनुसार, नाबालिग स्टूडेंट मूल रूप से कोटपूतली-बहरोड़ का रहने वाला है और फिलहाल वह सीकर में अपनी मां व बहन के साथ रहता था. छात्र 9 जनवरी को मॉर्निंग वॉक के लिए घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा. नाबालिग के पास मोबाइल फोन था, जो लगातार स्विच ऑफ आ रहा था.
जुहू इलाके में होने की मिली सूचना
इस पर उसके पिता ने पुलिस में गुमशुदगी का मामला दर्ज करवाया. मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने नाबालिग की तलाश शुरू की और टेक्निकल सोर्सेज के जरिए पुलिस को सूचना मिली कि नाबालिग मुंबई के जुहू इलाके में मौजूद है. सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने उसे वहां से ढूंढ निकाला और सीकर लाकर परिजनों को सौंप दिया.
जेब में थे केवल 1 हजार रुपये
बताया जा रहा है कि नाबालिग केवल 1 हजार रुपए लेकर मुंबई गया था और मुंबई पहुंचते-पहुंचते उसके पास पैसे खत्म हो गए. पैसों की जरूरत पड़ने पर उसने मोबाइल ऑन कर अपने दोस्त को कई बार कॉल किया. दोस्त ने ही इसकी जानकारी नाबालिग के पिता को दी, जिसके बाद पुलिस को अहम सुराग मिला और नाबालिग को सुरक्षित बरामद कर लिया गया.


