महिम वार्ड 190: 2017 में भाजपा की मामूली अंतर से जीत, अब बदले सियासी समीकरणों में फंसा मुकाबला

Mahim Ward 190: A narrow victory for the BJP in 2017, the contest is now mired in changed political dynamics.

महिम वार्ड 190: 2017 में भाजपा की मामूली अंतर से जीत, अब बदले सियासी समीकरणों में फंसा मुकाबला

मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका के महिम स्थित वार्ड क्रमांक 190 का राजनीतिक इतिहास हमेशा से चर्चा में रहा है। वर्ष 2017 के बीएमसी चुनाव में इस वार्ड से भारतीय जनता पार्टी की शीतल सुरेश गंभीर ने जीत दर्ज की थी। उन्हें 8401 वोट (29.48%) मिले थे, जबकि शिवसेना की वैशाली राजेश पाटणकर को 7958 वोट (27.92%) प्राप्त हुए थे। दोनों के बीच जीत का अंतर महज 443 वोटों का रहा, जिसने इस वार्ड को बेहद कांटे का मुकाबला साबित किया था।


2017 के चुनाव में तीसरे स्थान पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) की उम्मीदवार भारती विरेंद्र तांडेल रहीं, जिन्हें 7769 वोट (27.26%) मिले थे। इस तरह तीनों प्रमुख दलों के बीच वोटों का बंटवारा लगभग बराबरी का रहा, और मामूली अंतर से भाजपा ने बाज़ी मारी थी।
हालांकि, वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य पूरी तरह बदल चुका है।

Read More बांद्रा इलाके में पुलिस ने एक मकान पर छापा मारकर 71.68 लाख रुपये की कीमत का 286.68 किलोग्राम गांजा जब्त

शिवसेना अब एक नहीं रही, बल्कि दो गुटों—उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट और एकनाथ शिंदे गुट—में बंट चुकी है। उद्धव ठाकरे गुट को इस बार महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) का समर्थन मिल रहा है, जिससे मराठी वोट बैंक के एकजुट होने की संभावना जताई जा रही है।

Read More डंपिंग ग्राउंड में मलमूत्र विसर्जित करने से भड़के ग्रामीण


वहीं दूसरी ओर, एकनाथ शिंदे गुट खुलकर भारतीय जनता पार्टी के साथ खड़ा है। ऐसे में 2017 में बेहद कम अंतर से जीती भाजपा के लिए यह सीट आसान नहीं मानी जा रही। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर 2017 में बंटा हुआ वोट इस बार किसी एक धड़े के पक्ष में एकजुट हुआ, तो नतीजे पूरी तरह बदल सकते हैं।

Read More बांद्रा में 286 किलो गांजा बरामद, ड्रग्स सप्लायर गिरफ्तार


महिम वार्ड 190 में स्थानीय मुद्दे—जैसे पुनर्विकास, सड़कें, सफाई, पानी की समस्या और झोपड़पट्टी पुनर्वास—इस बार भी चुनावी चर्चा के केंद्र में हैं। मतदाता अब सिर्फ पार्टी नहीं, बल्कि स्थानीय प्रभाव और गठबंधन की मजबूती को देखकर फैसला करने के मूड में नजर आ रहे हैं।
कुल मिलाकर, 2017 में मामूली अंतर से भाजपा की जीत दर्ज करने वाला महिम का यह वार्ड अब बदले हुए सियासी समीकरणों और नए गठबंधनों के कारण एक बार फिर बेहद रोचक और निर्णायक मुकाबले की ओर बढ़ता दिख रहा है।

Read More गोरेगांव: पत्नी की हत्या के बाद व्यक्ति फरार 

Related Posts