नई दिल्लीः तुर्की के Asisguard Songar Drone के बारे में जानें, जिसके बल पर उछल रहा था PAK, भारत ने झट से गिरा दिया

New Delhi: Know about Türkiye's Asisguard Songar Drone, with the help of which Pakistan was jumping, India shot it down immediately

नई दिल्लीः तुर्की के Asisguard Songar Drone के बारे में जानें, जिसके बल पर उछल रहा था PAK, भारत ने झट से गिरा दिया

भारत और पाकिस्तान के बीच जंग जैसे हालात बन गए हैं। भारतीय सेना और विदेश मंत्रालय की संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में पाकिस्तानी हमले को लेकर जानकारी दी गई। कर्नल सोफिया कुरैशी ने बताया कि 8-9 मई की मध्यरात्रि को पाकिस्तानी सेना ने सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के इरादे से पूरी पश्चिमी सेना पर भारतीय वायुक्षेत्र का कई बार उल्लंघन किया।

नई दिल्लीः भारत और पाकिस्तान के बीच जंग जैसे हालात बन गए हैं। भारतीय सेना और विदेश मंत्रालय की संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में पाकिस्तानी हमले को लेकर जानकारी दी गई। कर्नल सोफिया कुरैशी ने बताया कि 8-9 मई की मध्यरात्रि को पाकिस्तानी सेना ने सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के इरादे से पूरी पश्चिमी सेना पर भारतीय वायुक्षेत्र का कई बार उल्लंघन किया। पाकिस्तान ने अंतर्राष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर 36 जगहों पर 300-400 ड्रोनों का इस्तेमाल किया। भारत ने सारे ड्रोन को मार गिराया।

 

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प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि जो ड्रोन पकड़े गए हैं उनकी जांच में पता चला कि ये तुर्की के बने हुए थे। पाकिस्तान ने हवाई हमले में तुर्की के बने ड्रोनों का इस्तेमाल किया। इसका नाम असीसगार्ड सोंगर ड्रोन है। भारत के स्ट्रॉन्ग डिफेंस सिस्टम ने इन्हें ध्वस्त कर दिया। 

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असीसगार्ड सोंगर ड्रोन कब तुर्की से पाकिस्तान पहुंचा
एक रिपोर्ट के अनुसार, तुर्की का असीसगार्ड सोंगर ड्रोन उस समय पाकिस्तान पहुंचा जब भारत पहलगाम आतंकी हमले के बाद आतंकियों के ठिकानों पर हमले की योजना बना रहा था। जानकारी के अनुसार, असीसगार्ड सोंगर ड्रोन 27 अप्रैल को सैन्य माल ले जाने वाले तुर्की के छह सी-130 हरक्यूलिस परिवहन विमान से पाकिस्तान में उतरे थे।  

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असीसगार्ड सोंगर तुर्की ड्रोन क्या है?
असीसगार्ड सोंगर ड्रोन एक कम ऊंचाई वाला, क्वाड्रोटर, मानव रहित लड़ाकू ड्रोन है जिसे असीसगार्ड नामक कंपनी ने तुर्की सशस्त्र बलों के लिए विकसित किया है। इसे अंकारा में बनाया गया है। इसमें एक क्वाड्रोटर यूएईवी, एक ग्राउंड-कंट्रोल स्टेशन और ग्राउंड-सपोर्ट उपकरणों का एक सेट शामिल है।
इसे ऑटोमैटिक और मैनुअल-फ़्लाइट मोड में संचालित किया जा सकता है। इसमें रूट-प्लानिंग, ऑटोमैटिक उड़ान और खुद से बैटरी चार्ज की सुविधा है। अगर किसी वजह से टारगेट पर नहीं जा पाता है तो ऑटोमैटिक तरीके से ऑपरेशन बेस पर वापस आ सकता है। यह एक साथ टेलीमेट्री डेटा और तस्वीरों को भी कैप्चर कर कमांड तक भेजता है। 

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असीसगार्ड सोंगर क्षमता क्या है
असीसगार्ड सोंगर की परिचालन सीमा लगभग 10 किमी (6.2 मील) है और यह डेलाइट और इन्फ्रारेड दोनों कैमरों से लैस है। यह कई प्रकार के आधुनिक हथियारों से सुसज्जित है और दूर से लक्ष्यों को नष्ट कर सकता है। इसका टेकऑफ़ वजन (MTOW) 45 किलोग्राम (99 पाउंड) है। यह समुद्र तल से 2,800 मीटर (9,200 फीट) की अधिकतम ऊंचाई पर और 400 मीटर (1,300 फीट) की ज़मीनी सतह से ऊपर संचालित हो सकता है। यह ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम और ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम - संगत नेविगेशन क्षमता से लैश है। सबसे बड़ी बात यह है कि असीसगार्ड सोंगर ड्रोन की लागत अन्य ड्रोनों की अपेक्षा काफी कम है। इसे ज़रूरतों के अनुसार विकसित किया जा सकता है। उपयोग में आसान है, हल्का है और इसे कर्मियों द्वारा ले जाया जा सकता है।

छह मिसाइलों को फायर कर सकता है यह ड्रोन
असीसगार्ड सोंगर ड्रोन खतरे वाले इलाकों या स्थान की गोपनीय जानकारी भी इकट्ठा करने में मददगार है। यह ऑपरेशन के बाद नुकसान का आकलन करता है और वास्तविक समय की तस्वीरें भी भेजता है। यह ड्रोन 40 मिमी (1.6 इंच) व्यास के साथ 170 मिमी (6.7 इंच) लंबाई की छह मिनी मिसाइलों को फायर कर सकता है।