महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण का दावा, कुछ लोग मेरी कर रहे हैं जासूसी...
Some people are spying on me, claims former Maharashtra Chief Minister Ashok Chavan
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने दावा किया है कि उनकी कोई जासूसी कर रहा हैं। चव्हाण ने 20 फरवरी को एक बयान में कहा कि कुछ प्राइवेट और ठेके पर रखे गए लोग उनकी जासूसी कर रहे हैं। कांग्रेस नेता ने ये भी कहा कि उनके अधिकारिक पत्रों के जरिए उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही हैं। उन्होंने ये भी कहा कि ये सभी प्रयास उन्हें नुकसान पहुंचाने की साजिश का हिस्सा हो सकते हैं और पुलिस को अपराध दर्ज करना चाहिए।
मुंबई : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने दावा किया है कि उनकी कोई जासूसी कर रहा हैं। चव्हाण ने 20 फरवरी को एक बयान में कहा कि कुछ प्राइवेट और ठेके पर रखे गए लोग उनकी जासूसी कर रहे हैं। कांग्रेस नेता ने ये भी कहा कि उनके अधिकारिक पत्रों के जरिए उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही हैं। उन्होंने ये भी कहा कि ये सभी प्रयास उन्हें नुकसान पहुंचाने की साजिश का हिस्सा हो सकते हैं और पुलिस को अपराध दर्ज करना चाहिए।
इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पूर्व सीएम अशोक चव्हाण को जांच का भरोसा दिया है। पुणे में पत्रकारों से बात करते हुए शिंदे ने कहा कि उन्होंने अशोक चव्हाण से इस बारे में बात की है और उन्हें जांच का आश्वासन दिया है।
अशोक चव्हाण ने ट्वीट किया, 'कुछ लोग मेरी जासूसी कर रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि एक व्यक्ति मेरी बैठकों, यात्रा योजनाओं आदि का विवरण इक्टठा कर रहा है। संभावना है कि मेरे खिलाफ कुछ नुकसान पहुंचाने की साजिश रची जा रही है। पुलिस को इसका संज्ञान लेना चाहिए और उचित कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।' चव्हाण ने ये भी दावा किया है कुछ अज्ञात लोगों ने उनकी आधिकारिक पत्रों की सामग्री में भी बदलाव किया।
अशोक चव्हाण ने इस मामले की सूचना पहले नांदेड़ के पुलिस अधीक्षक को दी थी। चव्हाण को संदेह है कि दस्तावेजों की जालसाजी का इस्तेमाल कुछ चुनावों से पहले किसी को बदनाम करने के लिए किया जा सकता है।' चव्हाण ने कहा कि पुलिस 31 जनवरी से उनकी शिकायत की जांच कर रही है और उन्हें मराठा कोटा के मुद्दे पर तत्कालीन सीएम ठाकरे को "संबोधित" करने का एक और फर्जी पत्र मिला था। चव्हाण ने इस मुद्दे पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिनाश कुमार से संपर्क किया था।
चव्हाण द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक इस तरह के पत्रों का इस्तेमाल भविष्य में उन्हें बदनाम करने के लिए किया जा सकता है। इन पत्रों का इस्तेमाल समाज के बीच दरार पैदा करने के लिए किया जा सकता है और इसलिए एक अपराध दर्ज किया जाना चाहिए।


