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Read More... मुंबई: ऑटो टैक्सी चालकों की अब होगी भाषा जांच महाराष्ट्र सरकार का आदेश
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By Online Desk
महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा का व्यावहारिक ज्ञान अनिवार्य करने के नियम को लेकर राज्य सरकार ने सख्ती शुरू कर दी है। परिवहन विभाग ने साफ किया है कि जिन चालकों को मराठी भाषा का जरूरी ज्ञान नहीं है, उनके खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। महाराष्ट्र सरकार के इस फैसले के तहत ऑटो, टैक्सी और ऐप आधारित कैब सेवाओं से जुड़े चालकों को यात्रियों से संवाद करने के लिए मराठी भाषा का कामकाजी ज्ञान होना जरूरी होगा। मुंबई: मधु कोड़ा मनी लॉन्ड्रिंग मामला: मुंबई की संपत्तियों की नीलामी पर कोर्ट ने लगाई अंतरिम रोक
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झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी विशेष अदालत ने ईडी को बड़ी अंतरिम राहत दी है। विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने मुंबई स्थित उन संपत्तियों की प्रस्तावित ई-नीलामी पर रोक लगा दी है, जिन्हें ईडी ने वर्ष 2013 में कुर्क किया था। अदालत ने फीनिक्स एआरसी लिमिटेड और ई-आक्शन सेवा प्रदाता सी-1 इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को निर्देश दिया है कि वे पांच अगस्त 2026 को प्रस्तावित ई-नीलामी और उससे जुड़ी आगे की प्रक्रिया फिलहाल नहीं करें। मुंबई : सीबीआई कोर्ट का फैसला, बैंक धोखाधड़ी मामले में आरोपियों को जेल
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By Online Desk
सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन ने बताया कि पुणे की एक स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने बैंक धोखाधड़ी के एक मामले में प्राइवेट कंपनियों के दो मालिकों को तीन साल की कड़ी सज़ा सुनाई है। इस मामले में स्टेट बैंक ऑफ़ हैदराबाद (जो अब दूसरे बैंक में मिल गया है) को 5.5 करोड़ रुपये से ज़्यादा का गलत तरीके से नुकसान हुआ था। मुंबई : हाई कोर्ट ने बढ़ाया मुआवजा, समुद्री इंजीनियर के परिवार को 1.31 करोड़ देने का आदेश
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By Online Desk
बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक अहम फैसले में दिवंगत मैरीटाइम इंजीनियर के परिवार को दिए जाने वाले मुआवजे की राशि को बढ़ा दिया है। अदालत ने यह फैसला इस आधार पर दिया कि समुद्री (मैरीटाइम) क्षेत्र में काम करने वाले प्रोफेशनल्स की आय सामान्य भूमि-आधारित नौकरियों की तुलना में काफी अधिक होती है, क्योंकि उनका काम ऑफशोर परिस्थितियों में कठिन और चुनौतीपूर्ण होता है। यह मामला मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल के उस फैसले से जुड़ा था, जिसमें मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया था। लेकिन हाई कोर्ट ने ट्रिब्यूनल द्वारा आय का आकलन कम किए जाने को गलत माना और इसे संशोधित करते हुए मुआवजा बढ़ाने का आदेश दिया। 
