compensation
<% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<% if(node_description!==false) { %> <%= node_description %>
<% } %> <% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
Read More... मुंबई : हाई कोर्ट ने बढ़ाया मुआवजा, समुद्री इंजीनियर के परिवार को 1.31 करोड़ देने का आदेश
Published On
By Online Desk
बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक अहम फैसले में दिवंगत मैरीटाइम इंजीनियर के परिवार को दिए जाने वाले मुआवजे की राशि को बढ़ा दिया है। अदालत ने यह फैसला इस आधार पर दिया कि समुद्री (मैरीटाइम) क्षेत्र में काम करने वाले प्रोफेशनल्स की आय सामान्य भूमि-आधारित नौकरियों की तुलना में काफी अधिक होती है, क्योंकि उनका काम ऑफशोर परिस्थितियों में कठिन और चुनौतीपूर्ण होता है। यह मामला मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल के उस फैसले से जुड़ा था, जिसमें मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया था। लेकिन हाई कोर्ट ने ट्रिब्यूनल द्वारा आय का आकलन कम किए जाने को गलत माना और इसे संशोधित करते हुए मुआवजा बढ़ाने का आदेश दिया। मुंबई : एमएमआरडीए पैसे के बदले मुआवज़े के तौर पर एकतरफ़ा तौर पर टीडीआर नहीं थोप सकती
Published On
By Online Desk
ज़मीन अधिग्रहण और संपत्ति के अधिकारों पर एक अहम फैसले में, बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा है कि मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी पैसे के बदले मुआवज़े के तौर पर एकतरफ़ा तौर पर ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स नहीं थोप सकती। कोर्ट ने सांताक्रूज़-चेम्बूर लिंक रोड प्रोजेक्ट के लिए अधिग्रहित ज़मीन के लिए ऐसे मुआवज़े को मंज़ूरी देने वाले 2012 के एक फैसले को रद्द कर दिया है। भिवंडी : खावड़ा पावर ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट से प्रभावित किसानों को ₹4.5 करोड़ का मुआवज़ा दिया गया
Published On
By Online Desk
रेज़ोनिया लिमिटेड की कंपनी खावड़ा IV-C पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड ने महाराष्ट्र के भिवंडी, वाडा, जव्हार और विक्रमगढ़ तालुका में पावर ट्रांसमिशन टावर और उससे जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के कंस्ट्रक्शन से प्रभावित किसानों को मुआवजा देना शुरू कर दिया है। कंपनी के सूत्रों के मुताबिक, ज़मीन के इस्तेमाल और फसल के नुकसान के लिए ₹4.5 करोड़ से ज़्यादा का मुआवजा पहले ही बांटा जा चुका है। लुधियाना : निजी अस्पताल लापरवाह उपचार; पीडि़ता को सात लाख 50 हज़ार रुपए का मुआवजा प्रदान करने का आदेश
Published On
By Online Desk
उपभोक्ता आयोग कांगड़ा की अदालत ने एक अहम फैसले में पंजाब के लुधियाना के एक निजी अस्पताल व उसके चिकित्सकों को लापरवाह उपचार का दोषी ठहराते हुए अस्पताल की बीमा कंपनी द्वारा पीडि़ता को सात लाख 50 हज़ार रुपए का मुआवजा प्रदान करने के आदेश जारी किए हैं। इसके साथ ही अस्पताल को उपभोक्ता महिला को 20 हज़ार रुपए न्यायिक शुल्क के रूप में हुए खर्च के तौर भी भी अदा करने होंगे। उपभोक्ता आयोग कांगड़ा के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा व सदस्य आरती सूद की खंडपीठ ने उक्त अहम फैसला सुनाया है। 
