मुंबई : पार्कसाइट में साहूकार पर केस, ब्याज वसूली और धमकी का आरोप
Mumbai: Moneylender booked in Parksite for interest collection and threats
मुंबई के पार्कसाइट पुलिस स्टेशन ने एक कथित साहूकार और वकील हाशमी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उस पर आरोप है कि उसने बिना लाइसेंस के ऊंची ब्याज दर पर अवैध रूप से पैसे उधार दिए और बाद में एक बिज़नेसमैन को धमकाकर करीब 68 लाख रुपये की वसूली की। पुलिस ने यह कार्रवाई दर्ज एफआईआर के आधार पर की है।
मुंबई : मुंबई के पार्कसाइट पुलिस स्टेशन ने एक कथित साहूकार और वकील हाशमी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उस पर आरोप है कि उसने बिना लाइसेंस के ऊंची ब्याज दर पर अवैध रूप से पैसे उधार दिए और बाद में एक बिज़नेसमैन को धमकाकर करीब 68 लाख रुपये की वसूली की। पुलिस ने यह कार्रवाई दर्ज एफआईआर के आधार पर की है। शिकायतकर्ता मोहम्मद नसीम रईस हाशमी (49) विक्रोली ईस्ट के गोदरेज गार्डन एन्क्लेव में अपने परिवार के साथ रहते हैं और विक्रोली वेस्ट के पार्कसाइट इलाके में ‘ज़रीन वुड क्राफ्ट’ नाम से लकड़ी के ज्वेलरी बॉक्स बनाने की यूनिट चलाते हैं।
एफआईआर के अनुसार, आरोपी मूल रूप से प्रयागराज, उत्तर प्रदेश का रहने वाला है और पार्कसाइट इलाके में रहता था। उस पर आरोप है कि वह बिना किसी वैध लाइसेंस के साहूकारी का कारोबार चला रहा था। शिकायत के मुताबिक, साल 2006 में व्यवसाय की जरूरतों के चलते नसीम हाशमी ने आरोपी से 10 प्रतिशत मासिक ब्याज दर पर 1 लाख रुपये नकद उधार लिए थे। इसके बाद 2006 और 2007 के बीच उन्होंने इसी शर्त पर अलग-अलग किश्तों में कुल 4 लाख रुपये और लिए।
शुरुआती वर्षों में उन्होंने 2008 तक हर महीने करीब 50,000 रुपये ब्याज के रूप में चुकाए, जो कैश और बेयरर चेक के माध्यम से दिए गए थे। इसके बाद जब ब्याज का बोझ बढ़ने लगा तो शिकायतकर्ता ने आरोपी से ब्याज दर कम करने की अपील की। आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने ब्याज दर घटाकर 6 प्रतिशत मासिक कर दी। इस नई शर्त के तहत शिकायतकर्ता ने 2010 तक हर महीने लगभग 30,000 रुपये का भुगतान किया।
हालांकि, एफआईआर में यह भी उल्लेख किया गया है कि भुगतान में देरी होने पर आरोपी ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता को धमकाना शुरू कर दिया। आरोप है कि उसे शारीरिक नुकसान पहुंचाने और जान से मारने की धमकी दी गई। इससे दबाव में आकर शिकायतकर्ता ने कथित रूप से कुल लगभग 68 लाख रुपये का भुगतान किया। पुलिस के अनुसार, यह मामला अवैध साहूकारी और जबरन वसूली से जुड़ा हुआ है।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से बिना लाइसेंस के इस तरह का वित्तीय कारोबार चला रहा था। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या इस तरह के अन्य मामले भी आरोपी से जुड़े हुए हैं और क्या और लोग भी इसके शिकार हुए हैं। पार्कसाइट पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल और बैंकिंग रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है ताकि पूरे लेन-देन और वसूली की सच्चाई सामने आ सके।


