मुंबई के कपड़ा कारोबारी ने रची अपहरण की झूठी कहानी, समलैंगिक गिरोह से जुड़ रहे तार
Fake story of kidnapping fabricated by a Mumbai textile merchant, linked to homosexual gangs
कपड़ा कारोबारी ने अपने अपहरण और फिरौती वसूली की कहानी रची। कुछ ही घंटों बाद पुलिस ने इसका पर्दाफाश कर दिया। सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन की जांच में मामला संदिग्ध पाया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि प्रकरण समलैंगिक संबंध से जुड़ा है और कारोबारी ने बदनामी से बचने के लिए अपहरण की झूठी कहानी गढ़ी थी। पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
मुंबई : कपड़ा कारोबारी ने अपने अपहरण और फिरौती वसूली की कहानी रची। कुछ ही घंटों बाद पुलिस ने इसका पर्दाफाश कर दिया। सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन की जांच में मामला संदिग्ध पाया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि प्रकरण समलैंगिक संबंध से जुड़ा है और कारोबारी ने बदनामी से बचने के लिए अपहरण की झूठी कहानी गढ़ी थी। पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
मुंबई निवासी सतीश अग्रवाल ने पुलिस को बताया था कि वह पिछले पांच वर्षों से आगरा के व्यापारियों के साथ कपड़े का कारोबार कर रहे हैं। मंगलवार को वह आगरा आए और दरेसी स्थित एक होटल में ठहरे। बुधवार को उसके परिचित दिल्ली के कारोबारी विकास अग्रवाल ने रामबाग मिलने के लिए बुलाया।
सतीश के अनुसार, वह ऑटो से रामबाग पहुंचे और बाहर खड़े होकर विकास का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान नीले रंग की कार में सवार दो लोग आए और जबरन उसे कार में बैठा लिया। इसके बाद वह बेहोश हो गए। होश आने पर उन्होंने खुद को हाथरस जिले के सदाबाद क्षेत्र के एक खेत में पाया, जहां 7-8 लोगों ने उन्हें बंधक बनाकर मारपीट की और 1.20 लाख रुपये की मांग की।
कारोबारी ने बताया कि आरोपियों के दबाव में उन्होंने अपने दामाद को फोन कर रुपये भेजने को कहा। एक परिचित के माध्यम से बदमाशों के बताए खाते में पहले एक लाख और फिर 20 हजार रुपये ट्रांसफर कराए गए। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें रास्ते में छोड़ दिया। राहगीरों की मदद से वे दरेसी बस स्टैंड पहुंचे और व्यापारी नेता टीएन अग्रवाल की मदद से थाना एत्माद्दौला पहुंचकर घटना की जानकारी दी।
डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया सूचना मिलने पर पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मोबाइल लोकेशन ट्रेस की। जांच में कई विरोधाभास सामने आए, जिससे कहानी संदिग्ध लगी। कड़ाई से पूछताछ करने पर सच्चाई सामने आ गई। पुलिस का मानना हैं कि यह कोई गिरोह का हिस्सा हो सकता है। इसलिए व्यापारी सहित पकडे़ गए लोगो से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है।


