सीडीएस की नियुक्ति स्वागत योग्य कदम

सीडीएस की नियुक्ति स्वागत योग्य कदम

कुलिन्दर सिंह यादव

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश के प्रधानमंत्री ने रक्षा कर्मचारियों के प्रमुख जिसे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का नाम दिया गया है के नियुक्ति की घोषणा की जो तीनों सेवा प्रमुखों से ऊपर होगा यह देश का सबसे बड़ा उच्चस्तरीय सैन्य सुधार है जो कि भारत की थल ,जल एवं वायु सेना के एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा वह आपस में उनसे संपर्क को स्थापित करेगा |
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का तात्पर्य है सरकार के लिए एक सूत्री सैन्य सलाहकार का होना जो तीनों सेवाओं के दीर्घकालिक नियोजन ,खरीद प्रशिक्षण एवं लॉजिस्टिक्स का समन्वय करेगा | भविष्य के युद्ध छोटे, द्रुतगामी और नेटवर्क केंद्रित हो रहे हैं अतः देश की रक्षा प्रणाली को मजबूत करने हेतु तीनों सेवाओं में समन्वय अत्यंत आवश्यक है देश में किसी भी प्रकार के हमले या गतिरोध से संसाधनों तथा रक्षा बजट पर अधिक दबाव बढ़ता है इसलिए चीफ आफ डिफेंस स्टाफ की नियुक्ति से संयुक्त योजना व प्रशिक्षण से संसाधनों पर अनुकूल प्रभाव पड़ेगा | चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ तीनों सेना प्रमुखों में सबसे ऊपर का पद है यह खरीद-फरोख्त को अनुकूलित करने सेवाओं के बीच दोहराव से बचने तथा प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा | भारत एक परमाणु हथियार संपन्न देश है इसलिए चीफ आफ डिफेंस परमाणु मुद्दों पर प्रधानमंत्री के सलाहकार के रूप में भी कार्य करेगा |
यदि इसकी पृष्ठभूमि की बात की जाए तो इसका प्रस्ताव दो दशकों से अस्तित्व में सबसे पहले वर्ष 1999 में कारगिल संघर्ष के बाद उच्च सैन्य सुधारों की सिफारिश के लिए नियुक्ति सुब्रमण्यम समिति द्वारा प्रस्तावित किया गया था लेकिन कुछ मतभेदों के चलते यहां आगे नहीं बढ़ सका बाद में वर्ष 2012 में नरेश चंद्र समिति ने स्टाफ कमेटी के स्थाई सदस्यों की नियुक्ति की सिफारिश की लेफ्टिनेंट जनरल डी.बी.शेखतकर द्वारा की गई 99 सिफारिशों में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का भी प्रस्ताव किया गया था समिति ने दिसंबर 2016 में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की जिसमें तीनो सेवाओं से संबंधित 34 सिफारिशें थी |
वर्तमान में तीन प्रमुखों के वरिष्ठतम के रूप में कर्मचारी समिति के अध्यक्ष ही प्रमुख का कार्य करते हैं लेकिन यह एक अतिरिक्त भूमिका है और इसका कार्यकाल बहुत छोटा रहता है उदाहरण के लिए एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने निवर्तमान नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा के पश्चात 31 मई को कर्मचारी समिति के अध्यक्ष के रूप में पदभार संभाला था कि हालांकि धनोआ केवल कुछ महीनों के लिए इस भूमिका में रहेंगे क्योंकि वह 30 सितंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं उनके बाद सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत कर्मचारी समिति के अध्यक्ष होंगे |
यदि विश्व के अन्य देशों की बात की जाए तो सभी प्रमुख देशों में विशेष रूप से परमाणु हथियार वाले देशों में चीफ आफ डिफेंस स्टाफ है यूनाइटेड किंग्डम जिसमें ब्रिटिश सशस्त्र बल और रक्षा मंत्रालय है में एक स्थाई सचिव होते हैं जो रक्षा सचिव के बराबर पद धारण करते हैं साथ ही एक चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का पद भी होता है | यूनाइटेड किंगडम सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार सीडीएस ब्रिटिश सशस्त्र बलों के पेशेवर प्रमुख होते हैं और सैन्य राजनीतिक कमांडर के रूप में संचालन के लिए जिम्मेदार होते हैं वह रक्षा सचिव और प्रधानमंत्री के सबसे वरिष्ठ सैन्य सलाहकार भी होते हैं स्थाई सचिव रक्षा क्षेत्र के मामले में सरकार के प्रमुख नागरिक सलाहकार हैं उनके पास नीतियों योजना से संबंधित प्राथमिक जिम्मेदारी होती है साथ ही वे विभागीय लेखा अधिकारी भी हैं |
भारतीय प्रधानमंत्री का यह कदम निश्चित तौर पर भारतीय सैन्य बलों के आधारभूत ढांचे में मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ इनकी कार्यकुशलता में भी वृद्धि करेगा |

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