economic
Maharashtra 

मुंबई : लाल सैलाब शहर में घुसा तो आर्थिक राजधानी की रफ्तार थम जाएगी. सरकार किसानों को मनाने की कोशिश कर रही है

मुंबई : लाल सैलाब शहर में घुसा तो आर्थिक राजधानी की रफ्तार थम जाएगी. सरकार किसानों को मनाने की कोशिश कर रही है अपनी मांगों को लेकर नासिक से मुंबई की ओर कूच कर रहे करीब 30 हजार आदिवासी किसानों के 'लॉन्ग मार्च' पर सरकार और किसान प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई मैराथन बैठक के बाद अब यह आंदोलन खत्म होने के आसार नजर आ रहे हैं. नासिक के राजुर बहुला से निकला यह विशाल मार्च मंगलवार देर रात ठाणे के शाहपुर पहुंच जाएगा. किसानों का जत्था रात को शाहपुर के खरड़ी गांव में विश्राम करेगा. आगरा-मुंबई राजमार्ग पर हजारों किसानों की मौजूदगी को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात है और ट्रैफिक रूट में भी बदलाव किए गए हैं.  
Read More...
Mumbai 

मुंबई : इकोनॉमिक ऑफेंसेस विंग ने राज कुंद्रा से पांच घंटे तक पूछताछ की

मुंबई : इकोनॉमिक ऑफेंसेस विंग ने राज कुंद्रा से पांच घंटे तक पूछताछ की शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा अक्सर विवादों में घिरे हुए नजर आते हैं. पहली पत्नी से लेकर शिल्पा शेट्टी के साथ शादी, पोर्नोग्राफी मामले तक राज का नाम विवादों से जुड़ा हुआ आया. इस बीच मुंबई पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंसेस विंग ने कारोबारी राज कुंद्रा से करीब पांच घंटे तक पूछताछ की.
Read More...
Maharashtra 

मुंबई: मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के आर्थिक सलाहकार पूर्व आईएएस अधिकारी प्रवीण परदेशी नियुक्त

मुंबई: मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के आर्थिक सलाहकार पूर्व आईएएस अधिकारी प्रवीण परदेशी नियुक्त महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आर्थिक सलाहकार के रूप में नए चेहरे की बाते चर्चा में थी। अब इस बात का खुलासा हो चुका है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के आर्थिक सलाहकार के रूप में आईएएस के पूर्व अधिकारी प्रवीण परदेशी को नियुक्त किया गया है। सिविल सेवक प्रवीण परदेशी मुख्यमंत्री सचिवालय में शामिल होने वाले हैं। 
Read More...

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यूपीए गठबंधन के शासन के दौरान आर्थिक कुप्रबंधन पर लोकसभा में रखा श्वेत पत्र...

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यूपीए गठबंधन के शासन के दौरान आर्थिक कुप्रबंधन पर लोकसभा में रखा श्वेत पत्र... श्वेत पत्र में कहा गया है कि 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट पर यूपीए सरकार की ओर से जारी किया गया स्पिल-ओवर प्रभावों से निपटने के लिए एक राजकोषीय प्रोत्साहन पैकेज समस्या से भी कहीं अधिक बदतर था। यह वित्त पोषण और रखरखाव की केंद्र सरकार की क्षमता से कहीं परे था। दिलचस्प बात यह है कि इस प्रोत्साहन का उन परिणामों से कोई संबंध नहीं दिख रहा है जो इसे हासिल करने की कोशिश की गई थी क्योंकि हमारी अर्थव्यवस्था संकट से अनावश्यक रूप से प्रभावित नहीं हुई थी।
Read More...

Advertisement