consider
Mumbai 

मुंबई : सड़क हादसा मामलों में तेज न्याय के लिए ट्रिब्यूनल पर विचार की सलाह

मुंबई : सड़क हादसा मामलों में तेज न्याय के लिए ट्रिब्यूनल पर विचार की सलाह बॉम्बे हाई कोर्ट ने सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों को मुआवजा मिलने में होने वाली लंबी देरी पर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से एक विशेष अपील ट्रिब्यूनल बनाने पर विचार करने को कहा है। अदालत ने कहा कि मोटर एक्सीडेंट क्लेम मामलों के तेजी से निपटारे के लिए एक मजबूत और प्रभावी व्यवस्था की आवश्यकता है, ताकि पीड़ितों को वर्षों तक इंतजार न करना पड़े।
Read More...
Mumbai 

मुंबई : संजय निरुपम की परिवहन मंत्री को चिट्ठी, मराठी अनिवार्यता पर करें विचार

मुंबई : संजय निरुपम की परिवहन मंत्री को चिट्ठी, मराठी अनिवार्यता पर करें विचार शिवसेना नेता संजय निरुपम ने महाराष्ट्र सरकार के ‘रिक्शा व टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य’ करने के फैसले पर पुनर्विचार की मांग की है। उन्होंने राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक को पत्र लिखकर इस निर्णय को वापस लेने की अपील की है। संजय निरुपम ने अपने पत्र में कहा कि 1 मई से लागू होने वाला यह फैसला हजारों मेहनतकश रिक्शा चालकों के बीच भय, भ्रम और असुरक्षा की भावना पैदा कर रहा है।
Read More...
Mumbai 

मुंबई : महिला के शरीर को देखने और घूरने को अपराध मानने से इंकार  - बॉम्बे हाईकोर्ट 

मुंबई : महिला के शरीर को देखने और घूरने को अपराध मानने से इंकार  - बॉम्बे हाईकोर्ट  बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी महिला सहकर्मी के शरीर को घूरना अनैतिक व्यवहार है, लेकिन यह 'ताक-झांक' का अपराध नहीं है, बॉम्बे हाई कोर्ट ने शनिवार को एक फैसले में यह बात कही।जस्टिस अमित बोरकर ने कहा कि ऐसे काम नैतिक रूप से गलत हैं, लेकिन भारतीय दंड संहिता की धारा 354C के तहत कानूनी मानदंडों को पूरा नहीं करते। उन्होंने कहा कि महिला सहकर्मी के शरीर को घूरना 'ताक-झांक' नहीं है। हाईकोर्ट की इस फैसले एक नई चर्चा छिड़ी है। दरअसल घूरने को भी मोटे तौर पर अपराध मान लिया जाता है। 
Read More...
Mumbai 

मुंबई :  अगर मुस्लिम ड्राइवर, पैसेंजर मुंबई एयरपोर्ट के पास टेम्पररी शेड में नमाज़ पढ़ सकते हैं तो 'इंसानी' आधार पर विचार करें

मुंबई :  अगर मुस्लिम ड्राइवर, पैसेंजर मुंबई एयरपोर्ट के पास टेम्पररी शेड में नमाज़ पढ़ सकते हैं तो 'इंसानी' आधार पर विचार करें बॉम्बे हाईकोर्ट ने MMRDA से कहा बॉम्बे हाईकोर्ट ने  मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी को अगले हफ़्ते तक एक बयान देने का निर्देश दिया, जिसमें यह बताया जाए कि क्या वह पूरी तरह से 'इंसानी' आधार पर ऑटोरिक्शा, टैक्सी, ओला-उबर ड्राइवरों और यहां तक कि पैसेंजर को भी छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट के डोमेस्टिक टर्मिनल के पास एक टेम्पररी शेड में नमाज़ पढ़ने की इजाज़त देने पर विचार करेगा, कम-से-कम रमज़ान के पवित्र महीने के लिए तो।
Read More...

Advertisement