सस्ती शराब महंगा तेल- पूर्व वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार

सस्ती शराब महंगा तेल- पूर्व वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार

Rokthok Lekhani

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मुंबई : महाराष्ट्र सरकार ने आयात होने वाली विदेशी शराब पर एक्साइज ड्यूटी 50 फीसदी कम की है। इस पर भाजपा नेता और पूर्व वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने ठाकरे सरकार की खिल्ली उड़ाई है।

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उन्होंने कहा कि महाविकास आघाड़ी सरकार की नीति का मतलब सस्ती दारु, महंगा तेल है। पत्रकारों से बातचीत करते हुए सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि जनता के आशीर्वाद से लोकतांत्रिक तरीके से सरकार चुनी जाती है। उस सरकार का हर फैसला किसानों को समर्पित होता है। शोषित समाज को समर्पित होता है।

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वंचित समाज को समर्पित होता है। गरीबों और खेतिहर मजदूरों को समर्पित होता है, लेकिन यह सरकार बेईमानी के आधार पर बनी है। यह जनता की तरफ से चुनी गई सरकार नहीं है।

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उन्होंने कहा कि शराब ने दारू को सस्ता करने का निर्णय लिया है। उसका यह निर्णय हर्बल वनस्पति और क्रुज पार्टी वालों के लिए समर्पित है। सरकार पेट्रोल-डीजल के भाव कम करने को तैयार नहीं है, लेकिन शराब के दाम कम कर शराबियों को ऊर्जा देने का काम कर रही है।

बता दें कि शनिवार को महाराष्ट्र सरकार ने आयातित स्कॉच व्हिस्की पर एक्साइज ड्यूटी की दर में 50 फीसदी की कटौती की है। इससे राज्य में इसका दाम अन्य प्रदेशों के बराबर हो जाएगा। महाराष्ट्र सरकार को इम्पोर्टेड स्कॉच की बिक्री पर सालाना 100 करोड़ रुपए का राजस्व मिलता है।

इस कटौती से सरकार का राजस्व बढ़कर 250 करोड़ रुपए पर पहुंचने की उम्मीद है, क्योंकि इससे बिक्री एक लाख बोतल से बढ़कर 2.5 लाख बोतल हो जाएगी। शुल्क में कमी की वजह से अन्य राज्यों से स्कॉच की तस्करी और नकली शराब की बिक्री पर भी लगाम कसी जा सकेगी। बात दें कि महाराष्ट्र समेत पूरे देश में सरकारों को सबसे ज्यादा राजस्व शराब से मिलता है।

महाराष्ट्र सरकार के आबकारी विभाग ने हाल ही में शराब पर विशेष कर 300 फीसदी से घटाकर 150 फीसदी या आधा करने का फैसला लिया है। राज्य सरकार पहले ही शराब उद्योग को कई टैक्स छूट दे चुकी है।

इस पर भारतीय जनता पार्टी के महाराष्ट्र उपाध्यक्ष और विधान परिषद विधायक प्रसाद लाड ने शराब को तरजीह देने वाली सरकार की आलोचना की है। लाड ने कहा, की पेट्रोल और डीजल पर सरकार टैक्स क्यों नहीं घटाती।

शराब के लिए पहल, पेट्रोल से इनकार, बेईमान सरकार…शराब पर टैक्स 50% कम करें….तो पेट्रोल-डीजल पर राज्य का टैक्स क्यों नहीं कम किया जा सकता? आम नागरिकों को राहत क्यों नहीं मिल रही है? लाड द्वारा पूछा गया एक बहुत ही व्यावहारिक प्रश्न है। उन्होंने रविवार ऐसा ट्वीट किया।


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