मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के नाम पर सोशल मीडिया पर फर्जी जातिगत बयान वायरल, सख्त कार्रवाई की चेतावनी
Authorities Warn Of Strict Legal Action Over Fake Social Media Posts Circulated In The Name Of Chief Justice Surya Kant
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के नाम पर सोशल मीडिया पर फर्जी जातिगत बयान वायरल होने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
भारत के मुख्य न्यायाधीश Justice Surya Kant के नाम से सोशल मीडिया पर कथित जातिगत बयान वायरल होने के बाद न्यायपालिका और प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वायरल हो रहे बयान पूरी तरह फर्जी और भ्रामक हैं। साथ ही अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कुछ पोस्ट और वीडियो तेजी से शेयर किए जा रहे थे, जिनमें मुख्य न्यायाधीश के नाम पर कथित बयान दिखाए गए। जांच में पाया गया कि ये सामग्री एडिटेड और भ्रामक है। इसके बाद संबंधित एजेंसियों ने लोगों से ऐसी अफवाहों पर भरोसा न करने की अपील की।
अधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया पर फर्जी जानकारी फैलाकर समाज में तनाव पैदा करने की कोशिश की जा रही है। साइबर सेल और अन्य एजेंसियां वायरल पोस्ट के स्रोत की जांच कर रही हैं। दोषियों की पहचान होने पर IT Act और अन्य संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि न्यायपालिका से जुड़े संवेदनशील मामलों में गलत जानकारी फैलाना गंभीर अपराध माना जा सकता है। इससे सामाजिक माहौल और संस्थाओं की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी वायरल पोस्ट या वीडियो को शेयर करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें और भ्रामक जानकारी फैलाने से बचें।


