गढ़चिरौली : 5 बड़े नक्सलियों समेत 11 ने डाले हथियार
Gadchiroli: 11, including 5 top Naxalites, surrender
गढ़चिरौली जिले में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। बृहस्पतिवार को पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के समक्ष पांच शीर्ष नक्सलियों सहित कुल 11 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। इन सभी पर मिलाकर 68 लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में संगठन के कई महत्वपूर्ण पदाधिकारी शामिल हैं। इनमें एक डिविजनल कमांडर, एक एरिया कमेटी सेक्रेटरी, एक पीपुल्स पार्टी कमेटी मेंबर, एक कमांडर और एक एरिया कमेटी मेंबर शामिल हैं। यह सरेंडर नक्सल संगठन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
गढ़चिरौली : गढ़चिरौली जिले में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। बृहस्पतिवार को पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के समक्ष पांच शीर्ष नक्सलियों सहित कुल 11 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। इन सभी पर मिलाकर 68 लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में संगठन के कई महत्वपूर्ण पदाधिकारी शामिल हैं। इनमें एक डिविजनल कमांडर, एक एरिया कमेटी सेक्रेटरी, एक पीपुल्स पार्टी कमेटी मेंबर, एक कमांडर और एक एरिया कमेटी मेंबर शामिल हैं। यह सरेंडर नक्सल संगठन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
68 लाख रुपये का था इनाम विज्ञप्ति में बताया गया है कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा इन नक्सलियों पर कुल 68 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियां इनकी तलाश कर रही थीं। आत्मसमर्पण के बाद अब इनसे संगठन से जुड़ी कई अहम जानकारियां मिलने की संभावना है। नक्सलवाद पर बड़ी चोट पुलिस के अनुसार, वर्ष 2025 से अब तक गढ़चिरौली में 123 हथियारबंद माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि जिले में नक्सल विरोधी अभियानों को लगातार सफलता मिल रही है। अधिकारियों का कहना है कि कभी गढ़चिरौली जिले के सभी 10 उपमंडलों में सक्रिय रहने वाला वामपंथी उग्रवाद अब सिमटकर केवल भामरागड उपमंडल के सीमावर्ती क्षेत्रों तक रह गया है।
कुल 794 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण आंकड़ों के अनुसार, अब तक गढ़चिरौली जिले में कुल 794 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। यह संख्या बताती है कि सरकार की पुनर्वास नीति और सुरक्षा बलों की रणनीति असरदार साबित हो रही है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि लगातार चलाए जा रहे अभियानों, बेहतर खुफिया तंत्र और सरकार की पुनर्वास योजनाओं के कारण नक्सलियों का मनोबल कमजोर हो रहा है और वे मुख्यधारा में लौटने का रास्ता चुन रहे हैं।
पुनर्वास और मुख्यधारा में वापसी
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर प्रदान किए जाते हैं, जिससे वे सामान्य जीवन जी सकें। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों से पूछताछ कर संगठन की गतिविधियों और नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी, जिससे भविष्य में और प्रभावी कार्रवाई की जा सके।


