मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एग डोनर और सरोगेसी रैकेट का भंडाफोड़; ठाणे के आईवीएफ सेंटर से निकला लिंक
Egg donor and surrogacy racket busted at Mumbai International Airport; link to Thane IVF centre revealed
सहार पुलिस और इमिग्रेशन डिपार्टमेंट ने मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एग डोनर और सरोगेसी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। जिसमें अविवाहित महिलाओं को फर्जी वैवाहिक दस्तावेजों के साथ मुंबई से विदेशों में एग डोनेट करने के लिए भेजा जाता था। चूंकि भारतीय कानून के अनुसार केवल विवाहित महिलाएं ही अंडाणु दान कर सकती हैं, और वह भी परोपकारी उद्देश्यों से, इसलिए पुलिस ने ठाणे की एक अविवाहित महिला को हिरासत में लिया, जिसने पैसे के लिए कई देशों (अंधेरी के एक आईवीएफ क्लिनिक सहित) में कई बार अंडाणु दान किए थे।
मुंबई : सहार पुलिस और इमिग्रेशन डिपार्टमेंट ने मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एग डोनर और सरोगेसी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। जिसमें अविवाहित महिलाओं को फर्जी वैवाहिक दस्तावेजों के साथ मुंबई से विदेशों में एग डोनेट करने के लिए भेजा जाता था। चूंकि भारतीय कानून के अनुसार केवल विवाहित महिलाएं ही अंडाणु दान कर सकती हैं, और वह भी परोपकारी उद्देश्यों से, इसलिए पुलिस ने ठाणे की एक अविवाहित महिला को हिरासत में लिया, जिसने पैसे के लिए कई देशों (अंधेरी के एक आईवीएफ क्लिनिक सहित) में कई बार अंडाणु दान किए थे। इन यात्राओं और सौदों का आयोजन करने वाले कल्याण निवासी एजेंट को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
शुक्रवार को बैंकॉक से मुंबई पहुंची सुनौती बेलेल (44) को संदेह के आधार पर रोका गया। पूछताछ के दौरान उसके जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए। उसी फ्लाइट से आई सीमा विजारत (29) से पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह सरोगेसी और एग डोनेशन से जुड़े मेडिकल टेस्ट के लिए बैकॉक गई थी, जिसके बदले उसे रकम दी गई थी।
पुलिस के अनुसार आरोपी महिलाएं अविवाहित महिलाओं को फर्जी शादी के दस्तावेज दिखाकर एग डोनर और सरोगेट मदर के रूप में पेश करती थीं। सरोगेसी रेगुलेशन एक्ट 2021 के तहत व्यावसायिक सरोगेसी प्रतिबंधित है। पूछताछ के दौरान पता चला कि वे ठाणे में पंजीकृत एक इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) केंद्र से जुड़ी हुई थीं। पुलिस एक तीसरी महिला की तलाश कर रही थी, जो कथित तौर पर एजेंट थी।
जांच के लिए गई थीं बैंकॉक
आव्रजन अधिकारियों ने शुक्रवार दोपहर करीब 1:30 बजे सबसे पहले सुनोती बेलेल (44) को रोका। तीस मिनट बाद, ठाणे की सीमा विनजारत (29) बैंकॉक से उसी काउंटर पर पहुंचीं। अधिकारियों ने दोनों से पूछताछ की और पता चला कि विनजारत, बेलेल के साथ एग डोनेशन के पहले एडवांस डायग्नॉसिक टेस्ट के लिए बैंकॉक गई थीं। उन्हें इसके लिए एक बड़ी रकम दी गई थी।
ठाणे में बनाई एलीट केयर एजेंसी
सहार पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि बेलेल अपनी साथी संगीता बागुल के साथ मिलकर काम करती हैं। उन्होंने 2024 में ठाणे में एक आईवीएफ केंद्र स्थापित किया और एग डोनर के आने पर कानूनी बाधाओं से बचने के लिए फर्जी विवाह दस्तावेज तैयार करवाए। बेलेल ने बागुल के साथ मिलकर ठाणे में 'एलीट केयर' नाम की एक एजेंसी स्थापित की। पुलिस के अनुसार इस एजेंसी के माध्यम से वे भारत और विदेशों में प्रजनन केंद्रों को 'एग डोनर' और 'सरोगेट मदर्स' उपलब्ध कराते हैं।
क्या है सरोगेसी और एग डोनेशन के नियम
सरोगेसी (विनियमन) अधिनियम 2021 के तहत, भारत में एग डोनर महिला का विवाहित होना और कम से कम एक बच्चा होना अनिवार्य है। यह अधिनियम व्यावसायिक सरोगेसी पर भी प्रतिबंध लगाता है और केवल परोपकारी सरोगेसी की अनुमति देता है। जिसमें सरोगेट को चिकित्सा खर्च और बीमा के अलावा कोई भुगतान नहीं मिलता है।
कई बार एग्स बेचे
पूछताछ में पता चला कि बेलेल एग डोनेशन से पहले परीक्षण के लिए विन्ज़रात को बैंकॉक ले गई थी। भोसले ने एफआईआर में बताया कि विंज़रात ने बताया कि वह 2022 में बागुल के संपर्क में आई थी। इस एजेंट के माध्यम से उसने 2023 में अंधेरी के एक अस्पताल में अपने एग्स बेचे। वह 2024 में केन्या के मायरा क्लिनिक, फरवरी 2025 में कजाकिस्तान के मिरेकल क्लिनिक और जनवरी में थाईलैंड के ताकारा क्लिनिक में अपने एग्स बेचने गई थी। हालांकि, चिकित्सीय कारणों से वह पिछली बार अपने एग्स नहीं बेच पाई। टीम ने ठाणे स्थित उनके कार्यालय में आरोपियों के गैजेट्स से डेटा जब्त किया और फर्जी विवाह प्रमाण पत्रों पर विदेश भेजी गई अन्य महिलाओं की जांच कर रही है।


