मुंबई : एमएचएडीए अपने सबसे महंगे अपार्टमेंट्स को अब ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के फॉर्मूले पर
Mumbai: MHADA will now offer its most expensive apartments on a 'first-come, first-served' basis.
मुंबई में घर खरीदना आमतौर पर सपने से कम नहीं होता. लेकिन अब महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी एमएचएडीए ने दिवाली से पहले एक ऐसा मौका दे दिया है, जो हाई-इनकम ग्रुप के खरीदारों के लिए सुनहरा साबित हो सकता है. एमएचएडीए अपने सबसे महंगे अपार्टमेंट्स को अब ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के फॉर्मूले पर बेचने जा रही है. ये वही फ्लैट हैं जो पहले दो लॉटरी में बिक नहीं पाए थे, जिनकी कीमत 7 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है.
मुंबई : मुंबई में घर खरीदना आमतौर पर सपने से कम नहीं होता. लेकिन अब महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी एमएचएडीए ने दिवाली से पहले एक ऐसा मौका दे दिया है, जो हाई-इनकम ग्रुप के खरीदारों के लिए सुनहरा साबित हो सकता है. एमएचएडीए अपने सबसे महंगे अपार्टमेंट्स को अब ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के फॉर्मूले पर बेचने जा रही है. ये वही फ्लैट हैं जो पहले दो लॉटरी में बिक नहीं पाए थे, जिनकी कीमत 7 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है.
एमएचएडीए के ये प्रीमियम फ्लैट साउथ मुंबई के टार्डेओ इलाके में स्थित हैं, जो ‘क्रिसेंट टावर’ नाम की हाई-राइज बिल्डिंग में बने हैं. इस टावर को शापूरजी पलोनजी ग्रुप ने डेवलप किया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहां से महालक्ष्मी रेसकोर्स और अरब सागर का शानदार नज़ारा दिखता है. यानी लोकेशन और व्यू – दोनों ही प्रीमियम. यहां सबसे महंगा यूनिट 19वीं मंजिल पर स्थित 3बीएचके फ्लैट है, जिसकी कीमत 7.58 करोड़ रुपये तय की गई है. इस फ्लैट के साथ स्टाफ क्वार्टर भी मिलेगा. बाकी 7 फ्लैट्स की कीमत करीब 5.93 करोड़ रुपये से शुरू होती है.
अब नहीं होगी लॉटरी, सीधा मौका पंजीकरण का
एमएचएडीए अधिकारियों के अनुसार, इस बार किसी ड्रॉ का इंतजार नहीं करना होगा. जो खरीदार रुचि रखते हैं, वे सीधे पंजीकरण करा सकते हैं. इन फ्लैट्स का विज्ञापन दिवाली से पहले सार्वजनिक किया जाएगा, ताकि इच्छुक लोग तुरंत आवेदन कर सकें. अधिकारियों का कहना है कि तारीख फिलहाल तय नहीं हुई है, लेकिन घोषणा इसी हफ्ते के अंत तक हो सकती है.
एमएचएडीए के लिए भी अनोखा मोड़
क्रिसेंट टावर प्रोजेक्ट 2017 में एमएचएडीए के पोर्टफोलियो में शामिल हुआ था. पहले यह बिल्डर-रीडेवलपमेंट स्कीम के तहत आया था, जिसमें पुराने प्रॉपर्टीज को दोबारा बनाने की इजाजत थी और बिल्डर्स को कुछ हिस्सा रखने का अधिकार दिया गया था. बाद में यह नीति बंद कर दी गई, लेकिन एमएचएडीए का हिस्सा इन अपार्टमेंट्स में बना रहा. जब ये फ्लैट पहली बार लॉन्च हुए थे, तब एमएचएडीए की छवि पर सवाल भी उठे थे क्योंकि संस्था को आमतौर पर किफायती घरों के लिए जाना जाता है. इन लक्ज़री फ्लैट्स ने पहली बार एमएचएडीए को हाई-एंड रियल एस्टेट मार्केट में खड़ा कर दिया.
नेताओं के लिए भी है रिजर्वेशन
एमएचएडीए एक्ट के मुताबिक, संस्था द्वारा बेचे गए कुल घरों में से 2 प्रतिशत एमएलए और एमपी के लिए रिज़र्व रहते हैं. इस बार भी आवेदन में नेताओं की दिलचस्पी दिखी थी, लेकिन कीमतें देखकर कई पीछे हट गए. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि दिवाली से पहले इन करोड़ों के फ्लैट्स के लिए कितने खरीदार कतार में लगते हैं.


