रेलवे ने पहले हॉस्पिटल आइसोलेशन कोच की प्रतिकृति तैयार की। रेलवे 21 मार्च से 14 अप्रैल तक सभी टिकटों के पूरे पैसे वापस करेगी
कोविड-19 की रोकथाम के लिए उत्तरी रेलवे ने अस्पताल आइसोलेशन कोच का पहला प्रोटोटाइप यानी प्रारंभिक मॉडल सफलतापूर्वक तैयार कर लिया है। प्रत्येक कोच में दस आइसोलेशन वार्ड होंगे।
रेलवे का कहना है कि इसकी स्वीकृति मिलने के बाद प्रत्येक जोन में हर सप्ताह दस रेलवे कोच को मरीजों के लिए आइसोलेशन वार्डों में बदला जाएगा। कोविड-19 वायरस रोकथाम के लिए इस तरह के कोच देशभर में विभिन्न स्थानों पर रखे जाएंगे।
आइसोलेशन केबिन प्रोटोटाइप को बनाने समय डिब्बे की बीच वाली बर्थ को हटा दिया गया है, जबकि मरीज वाली बर्थ के सामने की तीनों सीटों को भी हटा दिया गया है।
रेलवे 21 मार्च से 14 अप्रैल तक की यात्रा के लिए बुक कराए गए टिकटों की पूरी राशि यात्रियों को वापस करेगी। देश में कोविड-19 के फैलाव को रोकने के लिए 14 अप्रैल तक रेलगाडियों का संचालन और टिकटों की बिक्री रद्द किए जाने की वजह से यह फैसला किया गया है। इस महीने की 27 तारीख से पहले रद्द कराए गए टिकटों के लिए यात्रियों को निर्धारित फार्म भरकर टिकट जमा कराने की रसीद और यात्रा के विवरण के साथ 21 जून तक देना होगा।
इसके साथ ही ई-टिकटों के मामले में रद्द कराए गए टिकट की बकाया राशि यात्री के खाते में वापस कर दी जाएगी। उन्हें यह सुविधा 27 मार्च से पहले रद्द कराए गए टिकटों के लिए मिलेगी। 27 मार्च के बाद रद्द कराए गए टिकटों की पूरी राशि वापस कर दी जाएगी।


