छत्रपति शाहू छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज ने की मनोज जरांगे से मुलाकात... बोले- ‘गद्दी का सम्मान है’

Chhatrapati Shahu, descendant of Chhatrapati Shivaji Maharaj met Manoj Jarange... said - 'It is respect for the throne'

छत्रपति शाहू छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज ने की मनोज जरांगे से मुलाकात... बोले- ‘गद्दी का सम्मान है’

जरांगे ने कहा कि छत्रपति शाहू ने सिर पर से हाथ घुमाया, तो हाथी का बल मिलता है। अब महाराज साथ है तो हम किसी से डरने वाले नहीं हैं। बताया गया है कि आज महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने फोन पर जरांगे से बात की। इस दौरान जरांगे ने दो टूक कह दिया कि हम आधा आरक्षण नहीं लेंगे। आप सिर्फ उन लोगों को कुनबी का सर्टिफिकेट दे रहे हो, जिनके सबूत मिले है, लेकिन आज भी मेरी मांग है कि महाराष्ट्र के सभी मराठाओं की कुनबी समाज का सर्टिफिकेट मिले।

महाराष्ट्र : छत्रपति शिवाजी महाराज की कोल्हापुर गद्दी के वंशज और पूर्व राज्यसभा सांसद छत्रपति संभाजी महाराज के पिता छत्रपति शाहू महाराज मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आमरण अनशन करने वाले मनोज जरांगे से मिलने अंतरावली सराटी पहुंचे। उनके साथ कोल्हापुर के मराठा समाज के कई लोग भी थे। छत्रपति शाहू ने जरांगे की तबीयत को लेकर चिंता जताई और अनशन के बारे में सोचने को कहा। छत्रपति शाहू के हाथों जरांगे ने पानी पिया और कहा कि गद्दी का सम्मान करते हुए 2 दिन और पानी लूंगा।

बाद में वो भी छोड़ दूंगा। जरांगे ने कहा कि छत्रपति शाहू ने सिर पर से हाथ घुमाया, तो हाथी का बल मिलता है। अब महाराज साथ है तो हम किसी से डरने वाले नहीं हैं। बताया गया है कि आज महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने फोन पर जरांगे से बात की। इस दौरान जरांगे ने दो टूक कह दिया कि हम आधा आरक्षण नहीं लेंगे। आप सिर्फ उन लोगों को कुनबी का सर्टिफिकेट दे रहे हो, जिनके सबूत मिले है, लेकिन आज भी मेरी मांग है कि महाराष्ट्र के सभी मराठाओं की कुनबी समाज का सर्टिफिकेट मिले।

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जब तक आरक्षण का जीआर नहीं निकलता तब तक मैं अपना अनशन पीछे नहीं लूंगा। बता दें कि कल मराठवाड़ा के बीड में और अन्य इलाको में हुई आगजनी के बाद मनोज जरांगे ने कहा था कि मराठा भाई शांत रहें। आगजनी न करें। मराठा समाज के लोगों ने धुले-सोलापुर हाईवे जगह-जगह रोक कर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन किया। इसमें महिला और लड़कियां काफी संख्या में शामिल रहीं।पानी लेने के कारण अनशन के सातवें दिन जरांगे की तबीयत में थोड़ा सुधार दिख रहा है, लेकिन कोई भी डॉक्टरी सहायता जरांगे नहीं ले रहे।

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