पिछले १० वर्षों में आटा, चावल, दूध, घी, खाद्य तेल, दाल और रसोई गैस की दरों में बढ़ोत्तरी - राहुल गांधी
Increase in rates of flour, rice, milk, ghee, edible oil, pulses and cooking gas in the last 10 years - Rahul Gandhi
इससे पहले राहुल गांधी ने अडानी की स्पेलिंग के साथ दलबदलू पूर्व कांग्रेसी ५ नेताओं के नाम भी लिखे। इसका वैâप्शन दिया कि सच्चाई छुपाते हैं, इसलिए रोज भटकाते हैं। सवाल वही है- अडानी की कंपनियों में २० हजार करोड़ बेनामी पैसे किसके हैं? राहुल गांधी ने अडानी के ए अक्षर के साथ गुलाम नबी आजाद, डी के साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया, ए के साथ किरण रेड्डी, एन के साथ हिमंत बिस्वा सरमा और आई के साथ अनिल एंटनी लिखा है।
नई दिल्ली : कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने देश में बढ़ती महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने २०१३ में यूपीए सरकार के दौरान आवश्यक वस्तुओं की कीमतों की मौजूदा दरों से तुलना करते हुए ट्विटर पर एक पोस्ट किया है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि महंगाई कम नहीं हो रही है, क्योंकि सरकार का ध्यान संकट में फंसे अरबपति गौतम अडानी की आय को बढ़ाने और उन्हें जांच से बचाने पर है। राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में पिछले १० वर्षों में आटा, चावल, दूध, घी, खाद्य तेल, दाल और रसोई गैस की दरों में बढ़ोत्तरी का उल्लेख किया है। उन्होंने लिखा कि महंगाई वैâसे घटेगी, जनता का दर्द वैâसे दिखेगा? सरकार का पूरा फोकस अडानी की आय बढ़ाने और उसे जांच से बचाने पर है।
इससे पहले राहुल गांधी ने अडानी की स्पेलिंग के साथ दलबदलू पूर्व कांग्रेसी ५ नेताओं के नाम भी लिखे। इसका वैâप्शन दिया कि सच्चाई छुपाते हैं, इसलिए रोज भटकाते हैं। सवाल वही है- अडानी की कंपनियों में २० हजार करोड़ बेनामी पैसे किसके हैं? राहुल गांधी ने अडानी के ए अक्षर के साथ गुलाम नबी आजाद, डी के साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया, ए के साथ किरण रेड्डी, एन के साथ हिमंत बिस्वा सरमा और आई के साथ अनिल एंटनी लिखा है।
इस ट्वीट के बाद राहुल गांधी भाजपा नेताओं के निशाने पर आ गए हैं। २०१५ में भाजपा में शामिल हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह हमारी शालीनता थी कि हमने आपसे कभी नहीं पूछा कि आपने बोफोर्स और नेशनल हेराल्ड घोटालों से कमाई को कहां छिपाया और वैâसे आपने ओट्टावियो क्वात्रोची को हर बार भारतीय कानून के दायरे में आने से बचाया। खैर, हम कोर्ट में मिलेंगे।


