वायु प्रदूषण से करीब १४ हजार नागरिकों की मौत!
About 14 thousand citizens died due to air pollution!
मुंबई में वायु प्रदूषण दिन-ब-दिन चिंता का विषय बनता जा रहा है। शहर में हवा जहरीली बनती जा रही है। आलम यह है कि प्रदूषित हवा के कारण मुंबईकरों का दम घुट रहा है। बताया जा रहा है कि पिछले दो वर्षों में वायु प्रदूषण से करीब १४ हजार नागरिकों की मौत हो चुकी है। इतने कम समय में इतनी मौतों का होना वायु प्रदूषण को कोरोना से भी ज्यादा भयानक माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली की तुलना में मुंबई की हवा की गुणवत्ता काफी समय से बहुत खराब श्रेणी में बनी हुई है।
मुंबई : मुंबई में वायु प्रदूषण दिन-ब-दिन चिंता का विषय बनता जा रहा है। शहर में हवा जहरीली बनती जा रही है। आलम यह है कि प्रदूषित हवा के कारण मुंबईकरों का दम घुट रहा है। बताया जा रहा है कि पिछले दो वर्षों में वायु प्रदूषण से करीब १४ हजार नागरिकों की मौत हो चुकी है। इतने कम समय में इतनी मौतों का होना वायु प्रदूषण को कोरोना से भी ज्यादा भयानक माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली की तुलना में मुंबई की हवा की गुणवत्ता काफी समय से बहुत खराब श्रेणी में बनी हुई है।
सोमवार की शाम मुंबई की एक्यूआई २१५ स्तर पर यानी खराब श्रेणी में दर्ज किया गया। इतना ही नहीं शहर में वायु गुणवत्ता खराब होने से मुंबईकरों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं जैसे वायरल और श्वसन संक्रमण सहित लोगों को आंखों में जलन, आंखों में पानी, सूखापन, बुखार, एलर्जी, गले में खराश, सूजन, खांसी आदि का भी सामना करना पड़ रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि ऐसी स्थिति में मुंबईकरों को सावधान रहने की जरूरत है।
देश में प्रदूषण के कारण हर साल लाखों लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है। इनमें से करीब १८ फीसदी मौतें अकेले वायु प्रदूषण के कारण होती है। बढ़ते प्रदूषण का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। नागरिकों के स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव के कारण यह उत्पादकता को प्रभावित करता है।


