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Read More... मुंबई : फ्री एंट्री, क्यूआर कोड और हजारों रंग, काला घोड़ा फेस्टिवल में उमड़ा कला प्रेमियों का सैलाब
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By Online Desk
मुंबई जिसे सपनों का शहर कहा जाता है, अपनी तेज रफ्तार जिंदगी के लिए मशहूर है. इसी भागदौड़ के बीच साल का एक समय ऐसा आता है, जब यह शहर कला और संस्कृति के रंगों में पूरी तरह डूब जाता है. हम बात कर रहे हैं काला घोड़ा फेस्टिवल की, जो हर साल मुंबई की सांस्कृतिक पहचान बनकर उभरता है. दक्षिण मुंबई के ऐतिहासिक काला घोड़ा इलाके में लगने वाला यह फेस्टिवल न केवल देश बल्कि विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन जाता है. इस साल काला घोड़ा फेस्टिवल में कला के साथ-साथ सामाजिक और पर्यावरणीय संदेशों का भी अनोखा संगम देखने को मिल रहा है. मुंबई : हजारों स्टूडेंट्स को परीक्षा में राहत देने का फैसला; N+2 एलिजिबिलिटी लिमिट के तहत परीक्षा में बैठने का आखिरी मौका
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By Online Desk
सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी ने उन हजारों स्टूडेंट्स को परीक्षा में राहत देने का फैसला किया, जिनके परमानेंट रजिस्ट्रेशन नंबर पहले ब्लॉक कर दिए गए थे। उन्हें N+2 एलिजिबिलिटी लिमिट के तहत परीक्षा में बैठने का आखिरी मौका दिया गया है। यह फैसला यूनिवर्सिटी की मैनेजमेंट काउंसिल ने मंजूर किया और इसे लागू करने की प्रक्रिया अभी चल रही है। मुंबई : हजारों करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद, ट्रेनों में भीड़; दुर्घटनाओं का खतरा
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By Online Desk
लोकल ट्रेनों में भीड़ कम करने और दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से वर्ष 2002 में मुंबई अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई थी। इस परियोजना का लक्ष्य यात्रियों के लिए उपनगरीय रेल यात्रा को सुरक्षित और समयबद्ध बनाना था। हालांकि, इस पहल पर हजारों करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद, ट्रेनों में भीड़भाड़ और दुर्घटनाओं का खतरा आज भी एक बड़ी समस्या बना हुआ है। कई महत्वपूर्ण कार्य जो इस परियोजना का हिस्सा थे, वे वर्षों से लंबित पड़े हैं, जिससे इसका पूरा लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है। मुंबई: हजारों निजी सुरक्षा एजेंसियों पर अब सरकार की गाज; मानक कार्यप्रणाली जारी
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By Online Desk
राज्य में बगैर किसी मान्यता और अधूरी ट्रेनिंग के चल रही हजारों निजी सुरक्षा एजेंसियों पर अब सरकार की गाज गिरने वाली है। महायुति सरकार ने निजी सुरक्षा रक्षक और पर्यवेक्षक प्रशिक्षण संस्थाओं के लिए सख्त नियम लागू करते हुए मानक कार्यप्रणाली जारी कर दी है। इसके तहत अब किसी भी संस्था को तब तक लाइसेंस नहीं मिलेगा, जब तक वह तयशुदा प्रशिक्षण, योग्य प्रशिक्षक, आधारभूत सुविधा और प्रमाणपत्र प्रक्रिया का कड़ाई से पालन नहीं करती। 
