महिम वार्ड 190 में कांग्रेस टिकट को लेकर विवाद, बाहरी उम्मीदवार को मौका देने से कार्यकर्ता नाराज़
Controversy erupts over Congress ticket in Mahim Ward 190; workers upset over outsider candidate being given chance
रोकठोक लेखनी | विशेष रिपोर्ट
रिपोर्ट: फैसल शेख
मुंबई: मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनावों से पहले कांग्रेस पार्टी के भीतर टिकट वितरण को लेकर एक और विवाद सामने आया है। महिम के वार्ड क्रमांक 190, जो एक ओपन वार्ड है, वहां कांग्रेस नेतृत्व द्वारा दयाशंकर यादव को टिकट दिए जाने के बाद पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ताओं में भारी नाराज़गी देखी जा रही है|
स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि दयाशंकर यादव कांग्रेस के पुराने या सक्रिय कार्यकर्ता नहीं रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें पार्टी का आधिकारिक टिकट दिया गया। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि वर्षों से संगठन के लिए काम करने वाले समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है।
पार्टी कार्यकर्ताओं के अनुसार, वार्ड 190 में कई ऐसे नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे जिन्होंने लंबे समय से कांग्रेस के लिए जमीनी स्तर पर काम किया, लेकिन टिकट वितरण के दौरान उनके दावों पर विचार नहीं किया गया। इससे पार्टी के भीतर असंतोष और हताशा का माहौल बन गया है।
कुछ कार्यकर्ताओं ने यह भी दावा किया है कि दयाशंकर यादव और उनके भाई का एक महिला डांस बार व्यवसाय से पूर्व में संबंध रहा है, जो हाल ही में रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के चलते बंद हुआ है।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस तरह की पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को कांग्रेस जैसा राष्ट्रीय दल टिकट दे, यह सवाल खड़े करता है। हालांकि, इस संबंध में पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। कार्यकर्ताओं ने यह आरोप भी लगाया है कि दयाशंकर यादव को एक बिल्डरों का समर्थन है जिससे स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नागरिकों में असंतोष बढ़ा है।
पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि ऐसे मुद्दों पर नेतृत्व को पहले संगठन से जुड़े लोगों की राय लेनी चाहिए थी। टिकट वितरण को लेकर नाराज़ कार्यकर्ताओं ने मुंबई कांग्रेस नेतृत्व, विशेष रूप से वर्षा गायकवाड़ की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि पार्टी की सुरक्षित और ओपन सीटों पर बाहरी चेहरों को तरजीह दी जाती रही, तो इससे संगठन की जमीनी ताकत कमजोर होगी। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, महिम जैसे संवेदनशील और राजनीतिक रूप से सक्रिय क्षेत्र में टिकट वितरण को लेकर उपजा असंतोष चुनावी रणनीति पर असर डाल सकता है। बूथ स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं की नाराज़गी पार्टी के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती है।


