देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे दोनों के बीच औरंगजेब मामले में क्रेडिट लेने की होड़ मची है
There is a competition between Devendra Fadnavis and Deputy CM Eknath Shinde to take credit in the Aurangzeb case
औरंगजेब की कब्र का मुद्दा राजनीति के केंद्र में आ गया है। छत्रपति संभाजी नगर जिले में स्थित इस कब्र को हटाने की मांग विभिन्न धर्मांध संगठनों और संस्थाओं द्वारा की जा रही है। राज्य के कुछ राजनीतिक दलों और नेताओं ने भी इस मांग को समर्थन दिया है, लेकिन इस मुद्दे को लेकर सीएम देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के बीच कचकच शुरू हो गई है। इन दोनों के बीच औरंगजेब मामले में क्रेडिट लेने की होड़ मची है।
राज्य में इस मुद्दे को लेकर पूरी कमान सीएम फडणवीस ने संभाल रखी है।
यहां एकनाथ शिंदे की दाल नहीं गल रही है। उन्हें इस मौके पर कहीं मीडिया में बोलने का मौका नहीं मिल रहा है तो अब उन्होंने दिल्ली दरबार की शरण ली है। इस मुद्दे पर खुद को आगे लाने के लिए अब शिंदे ने इसे दिल्ली दरबार में ले जाने की बात कह दी है।
फडणवीस की टीम औरंगजेब मुद्दे को खूब हवा दे रही है और इसकी तुलना बाबरी से करके फडणवीस को हीरो बनाने में जुटी है। सूत्रों के अनुसार, इसी साजिश के तहत नागपुर में दंगे को हवा दी गई। उधर डिप्टी सीएम शिंदे को फडणवीस का इस तरह आगे जाकर खेलना हजम नहीं हो रहा है।
इसीलिए उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अब मीडिया में आगे आए हैं और उन्होंने औरंगजेब की कब्र नष्ट करने के मुद्दे का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि औरंगजेब की कब्र महाराष्ट्र में नहीं होनी चाहिए। इतना ही नहीं, इस मुद्दे को लेकर अब वे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को दरकिनार करते हुए सीधे दिल्ली दरबार में जाने की बात कह रहे हैं। उनका मानना है कि राज्य में फडणवीस इस मुद्दे पर निर्णय नहीं ले पा रहे हैं इसलिए औरंगजेब की कब्र का यह मुद्दा अब सीधे दिल्ली दरबार में वे खुद पेश करेंगे और इसे लेकर वे दिल्ली में मीडिया को संबोधित करेंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे जल्द ही दिल्ली दौरे पर जा रहे हैं। राज्य में वर्तमान में औरंगजेब की कब्र का मुद्दा गर्म होने के कारण शिंदे की इस दिल्ली यात्रा का काफी महत्व है। इस दिल्ली यात्रा के दौरान, वे औरंगजेब की कब्र के मुद्दे को केंद्रीय नेतृत्व के सामने रखेंगे और उस पर केंद्र से हल निकालने की मांग करेंगे। कुल मिलाकर वे इस मामले में फडणवीस को पटखनी देना चाह रहे हैं।


