‘शिंदे की क्या औकात है…’, शिवसेना को तोड़ो और खत्म करो यह भारतीय जनता पार्टी का बहुत पुराना सपना है - संजय राउत

'What is the status of Shinde...', break and destroy Shiv Sena, this is a very old dream of Bharatiya Janata Party - Sanjay Raut

‘शिंदे की क्या औकात है…’, शिवसेना को तोड़ो और खत्म करो यह भारतीय जनता पार्टी का बहुत पुराना सपना है - संजय राउत

संजय राउत ने कहा कि बीजेपी हमारे ही लोगों को आमने-सामने खड़ा करके फूट डालो की नीति पर काम कर रही है, जो वे आमतौर पर राज्यों में करते हैं. एकनाथ शिंदे के साथ जो 40 लोग हैं वह शिवसेना नहीं है. मुंब्रा की एक रैली का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि असली शिवसेना क्या है वह अपने कल मुंब्रा में देखा होगा. उद्धव ठाकर जब मुंब्रा में गए तब पूरा ठाणे और मुंब्रा सड़क पर उतर आया था. अगर आप मुख्यमंत्री नहीं होते या पुलिस का इस्तेमाल नहीं किया होता, दीपावली नहीं होती तो आज वह शाखा का कब्जा हमारे पास होता.

महाराष्ट्र : “एकनाथ शिंदे आज गैर कानूनी तरीके से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद पर बैठे हैं, उनको बिठाया गया है. उनकी औकात क्या है?” यह बात उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना के सांसद संजय राउत ने कही है. उन्होंने कहा कि शिवसेना को तोड़ो और खत्म करो यह भारतीय जनता पार्टी का बहुत पुराना सपना है लेकिन वे सफल नहीं हो पा रहे हैं. बहुत बार कोशिश की गई तो अब सीबीआई और जांच एजेंसी के माध्यमों से हमारे कुछ लोगों को तोड़कर एक नई सरकार बनाई गई है. \

संजय राउत ने कहा कि बीजेपी हमारे ही लोगों को आमने-सामने खड़ा करके फूट डालो की नीति पर काम कर रही है, जो वे आमतौर पर राज्यों में करते हैं. एकनाथ शिंदे के साथ जो 40 लोग हैं वह शिवसेना नहीं है. मुंब्रा की एक रैली का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि असली शिवसेना क्या है वह अपने कल मुंब्रा में देखा होगा. उद्धव ठाकर जब मुंब्रा में गए तब पूरा ठाणे और मुंब्रा सड़क पर उतर आया था. अगर आप मुख्यमंत्री नहीं होते या पुलिस का इस्तेमाल नहीं किया होता, दीपावली नहीं होती तो आज वह शाखा का कब्जा हमारे पास होता.

दीपावली लोगों का त्यौहार है पुलिस स्टेशन पर आप पर दबाव रहेगा. पुलिस आपकी गुलाम है. कल यही पुलिस हमारे आदेश मानेगी तो आप क्या करोगे? मुंब्रा की शिवसेना शाखा के बारे में एक लीगल बैटल भी चलेगा. एकनाथ शिंदे वाली शिवसेना कोई शिव सेना नहीं है, यह गैंग है, चोरों की टोली है और यह सर्वोच्च न्यायालय ने भी कहा है. जो कानूनी लड़ाई चल रही है उसमें भी यही तय होगा.

बीजेपी की नजर हमेशा से यही होती है कि दो लोग आपस में झगड़ा करें और हम जाकर वहां हमारा काम करें. यही बीजेपी की नीति है. लोगों को समझना चाहिए. डिवाइड एंड रूल ईस्ट इंडिया कंपनी के बाद बीजेपी का वही विचार है. बीजेपी का विचार है कि जात धर्म के आधार पर देश और राज्य को तोड़ो, पार्टियों को तोड़ो और अपना काम करो. बीजेपी के पास और कौन सा विचार है? शिंदे बीजेपी विचारों के प्रचारक हैं. अजीत पवार बीजेपी विचारों के प्रचारक है. असम के मुख्यमंत्री बीजेपी विचारों के प्रचारक है. बीजेपी का विचार क्या है? सत्ता, पैसा और अपने-अपने उद्योग पति को अमीर बनाना लोगों को गुलाम बनाना.

बीजेपी अपने विरोधी को काम नहीं करने देना चाहती है. यह उनका डर है. पश्चिम बंगाल, राजस्थान, छत्तीसगढ़ में बीजेपी की सरकार नहीं है और जहां बीजेपी हार रही है वहां डराया धमकाया जा रहा है. लालू यादव और उनके परिवार का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वे बहुत मजबूत हैं. वह टूटेगा नहीं और हमारे एक नाथ शिंदे जैसा टूटने भी नहीं देंगे. हम लड़ते रहेगी और जब लालू यादव और तेजस्वी यादव के हम सब उनके साथ रहेंगे.

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