नालासोपारा में हत्या का राज शर्ट की चार बटनों ने खोल दिया

The secret of murder in Nalasopara was revealed by four buttons of the shirt.

नालासोपारा में हत्या का राज शर्ट की चार बटनों ने खोल दिया

श्रीरामनगर में एक ओवर ब्रिज के पास, नाले में नायलॉन के बैग में एक लाश होने की सूचना मिली। पुलिस ने घटना-स्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। शव पर पड़े हुए कपड़े उतारे गए, तो शर्ट के कॉलर में टेलर का नाम और पता लिखा था। चूंकि कॉलर में पिन कोड भी था, इसलिए जांच टीम को संबंधित टेलर की कमाठीपुरा वाली दुकान को ढूंढ़ने में ज्यादा दिक्कत नहीं हुई। टेलर को शर्ट के आगे और पीछे की तस्वीरें दिखाई गर्इं। टेलर ने गौर से शर्ट को देखा, तो कॉलर के आगे साइड के नीचे के तीन बटन अलग से दिखे।

नालासोपारा : श्रीरामनगर में एक ओवर ब्रिज के पास, नाले में नायलॉन के बैग में एक लाश होने की सूचना मिली। पुलिस ने घटना-स्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। शव पर पड़े हुए कपड़े उतारे गए, तो शर्ट के कॉलर में टेलर का नाम और पता लिखा था। चूंकि कॉलर में पिन कोड भी था, इसलिए जांच टीम को संबंधित टेलर की कमाठीपुरा वाली दुकान को ढूंढ़ने में ज्यादा दिक्कत नहीं हुई। टेलर को शर्ट के आगे और पीछे की तस्वीरें दिखाई गर्इं। टेलर ने गौर से शर्ट को देखा, तो कॉलर के आगे साइड के नीचे के तीन बटन अलग से दिखे।

इन बटनों के बीच का एक बटन टूटा हुआ था। इन सभी बटनों को देखते ही उसके मुंह से अपने आप नाम निकल पड़ा, `कृष्णा’। उसने बताया कि वह पूरा नाम नहीं जानता, लेकिन इतना जरूर जानता है कि यह शख्स शर्ट के तमाम बटनों के बीच कॉलर के नीचे वाले तीन-चार बटन हमेशा अलग कलर के लगवाता है। उसने यह भी बताया कि कृष्णा, मुंबई सेंट्रल में किसी मुस्लिम होटल मालिक के यहां काम करता है। जांच टीम कुछ मिनट बाद वहां पहुंची और होटल मालिक को कृष्णा की लाश की फोटो दिखा दी। होटल मालिक ने उसे पहचान लिया और बताया कि कृष्णा चार दिन से होटल आया ही नहीं। उसके साथ भायंदर में रहनेवाला एक अन्य होटल कर्मचारी भी चार दिन से नहीं आ रहा।

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पुलिस का शक फिर इस दूसरे कर्मचारी पर चला गया। होटल मालिक के पास कृष्णा का पता नहीं था, लेकिन भायंदर वाले कर्मचारी का था। जांच टीम पहुंच गई उस कर्मचारी के पास और चार दिन से होटल न जाने की वजह पूछी। उसने बहुत सहज जवाब दिया कि बीमार हूं, इसलिए ड्य़ूटी पर नहीं जा रहा। तब उससे कृष्णा के बारे में सवाल पूछे गए। उसने बताया कि कृष्णा, नालासोपारा में किसी अंकिता (बदला नाम) के साथ रहता है, लेकिन उसे उसका पूरा पता नहीं मालूम। इस कर्मचारी के पास कृष्णा का मोबाइल नंबर जरूर था। जांच टीम ने जब इस नंबर का सीडीआर निकाला, तो उसमें कई नंबर महाराष्ट्र के बाहर के मिले। दो-तीन नंबर मुंबई और नालासोपारा के भी थे। नालासोपारा का नंबर एक महिला का था, जो तुलिंज इलाके की प्रगति नगर बिल्डिंग में रहती थी। जब इस महिला को पूछताछ के लिए बुलाया गया, तो उसने साफ कहा कि वह किसी कृष्णा को नहीं जानती।

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उसने सबूत के तौर पर पुलिस को अपना मोबाइल सेट ही दे दिया कि आप लोग खुद चेक कर लो कि क्या उसमें कृष्णा को कभी कोई कॉल दिख रहा है? जब पुलिस नाइक किरण म्हात्रे ने इस महिला के सामने सीडीआर की डिटेल रख दी, जिसमें उसका कुछ दिन पहले का नंबर दिख रहा था, तो महिला को एकाएक याद आया कि कुछ दिन पहले अंकिता (बदला नाम) ने उससे किसी अर्जेंट कॉल करने के बहाने मोबाइल लिया था। जांच टीम जब ऊपर फ्लैट में पहुंची, तो वह बंद था। फौरन फ्लैट का दरवाजा तोड़ा गया। अंदर जाने पर घर एकदम साफ मिला। प्रगति नगर की महिला ने सीसीटीवी में आई महिला की शिनाख्त अंकिता (बदला नाम) के रूप में कर दी। लेकिन, जांच टीम के सामने सबसे बड़ा सवाल यह था कि युवती इस वक्त है कहां? प्रगतिनगर वाली महिला के पास संयोग से उसका नंबर था। उस नंबर के सीडीआर में किसी मुख्तार का नंबर मिला, जिसके बाद पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझाई।

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