महाराष्ट्र के इस जिले में 5 साल में 446 किसान खुदकुशी कर चुके

In this district of Maharashtra, 446 farmers have committed suicide in 5 years.

महाराष्ट्र के इस जिले में 5 साल में 446 किसान खुदकुशी कर चुके

 

महाराष्ट्र :के चंद्रपुर में इस साल 7 महीनों में 73 किसानों ने खुदकुशी की है। , इनमें पिछले महीने यानी जून में सुसाइड करने वाले 13 लोग भी शामिल हैं। चंद्रपुर जिले में साल 2001 से 2023 तक 1148 आत्महत्या कर चुके हैं। पिछले पांच सालों में 446 किसानों ने अपनी जान दे दी। पिछले साल दिसंबर से मुआवजे के 48 केस पेंडिंग

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कलेक्टर, जिला परिषद चीफ ऑफिसर और पुलिस सुपरिंटेंडेंट की एक कमेटी ने बताया कि सुसाइड करने वालों में 745 किसान ऐसे थे, जिन्हें सरकारी मुआवजा मिलना था। इनमें 329 किसान ऐसे थे, जो मुआवजे के हकदार नहीं थे। जिला प्रशासन के मुताबिक, उन्होंने मरने वाले किसानों के परिवार को मुआवजा दिलाने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा था। इसमें दिसंबर 2022 से 48 केस पेंडिंग हैं।

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मृतक किसानों के परिवार को 1 लाख तक का मुआवजा

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कलेक्ट्रेट के एक अधिकारी ने बताया कि वे सरकार की गाइडलाइन का पालन कर रहे हैं। 2006 की गाइडलाइन के तहत मरने वाले किसानों के परिवार को 1 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा। जब कोई किसान आत्महत्या करता है तो सरकार तय मानदंड के आधार पर मुआवजा देती है।

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गाइडलाइन के मुताबिक, फसल खराब होने पर, नेशनल को-ऑपरेटिव बैंक या साहूकार के पैसे ना चुकाने पर सरकार किसानों को 1 लाख रुपए देगी। इस एक लाख में से 30 हजार रुपए किसान को उसी समय दिए जाते है और बाकी 70 हजार उनके खाते में 5 साल के लिए जमा किए जाते है।

बाढ़ और बारिश की वजह से फसल हुई खराब

कृषि विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इस साल जून-जुलाई में बाढ़ और बारिश की वजह से कुल 54 हजार 514 हेक्टेयर फसल खराब हो चुकी है। इससे चंद्रपुर जिले के 852 गांवों के 64 हजार 379 किसानों की फसल खराब हुई। सबसे ज्यादा फसल गोंडपिपरी तहसील में खराब हुई है। यहां 12,571 हेक्टेयर में लगी फसल प्रभावित हुई। 

इस साल किसानों की फसल खराब होने का सबसे बड़ा कारण बाढ़ और बारिश है। (फाइल फोटो)

इस साल किसानों की फसल खराब होने का सबसे बड़ा कारण बाढ़ और बारिश है। (फाइल फोटो) 

PM फसल बीमा योजना का हो रहा किसानों को फायदा

कृषि विभाग के मुताबिक, हमने सरकार को 44.63 करोड़ के मुआवजे का प्रस्ताव भेजा है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY)के तहत 3 लाख 51 हजार 91 किसान 1 रुपए प्रीमियम पर फसल बीमा ले चुके हैं। इनमें लोन लेने वाले किसान 50,890 और लोन ना लेने वाले किसान 3 लाख 201 हैं। PMFBY के तहत जिले में 3,28,155.26 हेक्टेयर जमीन का बीमा कराया जा चुका है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसल बर्बाद होने पर किसानों को मुआवजा दिया जाता है। 

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसल बर्बाद होने पर किसानों को मुआवजा दिया जाता है। 

बीमा कंपनियों को केंद्र और राज्य सरकार पैसे देगी

बीमा कंपनियों को किसानों की जगह अब महाराष्ट्र सरकार 98 करोड़ 59 लाख 30 हजार 865 रुपए और केंद्र सरकार 5 करोड़ 5 लाख 15 हजार 938 रुपए देगी। एक अफसर ने बताया- 2022-23 के खरीफ-रबी के सीजन में 98,177 किसानों को 87 हजार 489 करोड़ का लोन दिया जा चुका है।

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