समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों से मरीन ड्राइव की इमारतों में हो रहा है कंपन...रहीवासियो ने मनपा आयुक्त को लिखा पत्र
Due to the high waves rising in the sea, the buildings of Marine Drive are vibrating ... Residents wrote a letter to the Municipal Commissioner
मुंबई : कोस्टल रोड़ प्रोजेक्ट का काम तेजी से पूरा हो रहा है। मनपा की सत्ताधारी रही शिवसेना इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। अब कोस्टल रोड़ से लोगो को परेशानी होने लगी है। मनपा प्रशासन ने मरीन ड्राइव पर कोस्टल रोड़ बनाने के लिए समुद्र की ऊंची लहरों के झटके को रोकने के लिए त्रिकोणीय बोल्डर डाला था।
कोस्टल रोड़ प्रोजेक्ट के लिए बोल्डर हटा दिए गए है जिससे समुद्र की लहरे सीधे दीवार को टकरा रही है जिससे पास की इमारतों में भूकंप आने जैसा कंपन हो रही है। स्थानीय रहीवासियो ने मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल को पत्र लिखकर शिकायत की है ।
बता दे कि मरीन ड्राइव से वर्ली बांद्रा सिलिंक तक कोस्टल रोड़ का निर्माण किया जा रहा है। वर्ली कोलीवाड़ा के मछुआरे पहले ही खंभों के बीच की दूरी को लेकर आंदोलन कर रहे है।अब मरीन ड्राइव के राहिवासियो ने भी कोस्टल रोड से होने वाली परेशानी को लेकर मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल के पास शिकायत की है ।
मरीन ड्राइव के पास बनी इमारतों के रहवासियों का आरोप है की समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों के झटको को रोकने के लिए समुद्र के किनारों पर सीमेंट से बने त्रिकोणीय बिल्डर समुद्र के किनारों पर डाले गए थे। जिससे समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों के झटको का प्रभाव इमारतों को नही पड़ता था।
इमारतों पर पड़ने वालो झटको से इमारतों की नीव हिलने का आरोप स्थानीय लोगो ने लगाया है । स्थानीय लोगो ने मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल को पत्र लिखकर उनके जान माल का नुकसान होने की गुहार लगाई है।रहीवासियो का कहना है कि इस परिसर में 1950 के पहले की इमारत है।
मरीन ड्राइव पर 1920 में भराव किया गया जिसके बाद 1940 में मरीन ड्राइव में इमारतें खड़ी हुई। इमारतों की उम्र 70 साल बीत गया है। मनपा अधिकारियों ने लोगो की शिकायत पर उसकी पूरी जांच कर इस पूरी समस्या का निराकरण कीए जाने की जानकारी दी।


