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Maharashtra 

परिवारवाद पर शिंदे गुट के नेताओं का प्रहार, कार्यकर्ताओं को मौका देकर बनाई मिसाल

परिवारवाद पर शिंदे गुट के नेताओं का प्रहार, कार्यकर्ताओं को मौका देकर बनाई मिसाल मुंबई और ठाणे में आगामी महानगरपालिका चुनावों से पहले एक दिलचस्प और सकारात्मक राजनीतिक बदलाव देखने को मिल रहा है। आमतौर पर चुनावों में जहां नेता अपने परिवार और रिश्तेदारों को टिकट दिलाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाते हैं, वहीं शिवसेना (शिंदे गुट) के कुछ प्रमुख नेताओं ने ‘परिवारवाद’ को दरकिनार कर सामान्य कार्यकर्ताओं के लिए अपनी दावेदारी छोड़ दी है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के पूर्व सांसद राहुल शेवाले की पत्नी कामिनी शेवाले, मंत्री प्रताप सरनाईक के पुत्र पूर्वेश सरनाईक और सांसद नरेश म्हस्के के पुत्र आशुतोष म्हस्के ने उम्मीदवारी से पीछे हटकर एक राजनीतिक मिसाल पेश की है।
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