महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को 6 नवंबर तक ED की हिरासत में भेजा गया

Former Home Minister of Maharashtra Anil Deshmukh was remanded in the custody of ED till November 6
Rokthok Lekhani
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मुंबई : महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को मनी लॉन्डरिंग मामले में 6 नवंबर तक प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में भेजा गया है। देशमुख को इस मामले में ED ने मुंबई में उनके कार्यालय में 12 घंटे से अधिक की पूछताछ के बाद सोमवार देर रात गिरफ्तार किया था।
उसके बाद आज उन्हें विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया और जांच एजेंसी ने अदालत से उनकी कस्टडी की मांग की जिसे स्वीकार करते हुए कार्ट ने उनकी चार दिन की ईडी की कस्टडी मंजूर कर ली। जिससे अब देशमुख की दिवाली ईडी की हिरासत में मनेगी।
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बता दें कि ईडी लंबे समय से लगातार देशमुख को पूछताछ के लिए समन जारी कर रही था। ईडी की ओर से पांच समन पर वो पेश नहीं हुए थे। वो इसके खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंचे थे। हाईकोर्ट ने ईडी के समन रद्द करने से इनकार कर दिया था। जिसके बाद वो एंजेसी के सामने पेश हुए।
देशमुख ने इस साल की शुरुआत में अपने खिलाफ रिश्वतखोरी के आरोपों को लेकर विवाद के बीच अपने पद से राजीनामा दे दिया था। उनको शुक्रवार को बॉम्बे हाईकोर्ट ने राहत देने से मना कर दिया था। उन्होंने जांच एजेंसी के समन को रद्द करने की अपील की थी। सोमवार को जारी किए गए एक वीडियो बयान में 71 वर्षीय एनसीपी नेता अनिल देशमुख ने कहा था कि मेरे खिलाफ सभी आरोप झूठे हैं।
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अनिल देशमुख इस मामले में अपने ऊपर लगे आरोपों को लगातार नकारते रहे हैं। उनका वकील और वे लगातार ये कहते रहे हैं कि ये सभी आरोप राजनीति से प्रेरित हैं। ईडी की कार्रवाई को लेकर भी देशमुख की ओर से सवाल उठाए गए थे।
गौरतलब है कि मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने देशमुख पर भ्रष्टाचार और जबरन वसूली का आरोप लगाया था। परम बीर सिंह ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे पत्र में देशमुख पर हस्तक्षेप करने और हर महीने 100 करोड़ रुपये तक की जबरन वसूली करने के लिए पुलिस का उपयोग करने का आरोप लगाया था। परम बीर ने एंटीलिया मामले में जांच धीमी होने पर पद से हटाए जाने के कुछ दिनों बाद यह पत्र लिखा था।


