मानसून से पहले ठाणे प्रशासन अलर्ट, पुलों और इमारतों के Safety Audit के आदेश जारी
Thane administration on alert ahead of monsoon; orders issued for safety audit of bridges and buildings
ठाणे कलेक्टर ने मानसून से पहले पुलों और खतरनाक इमारतों के Safety Audit के आदेश दिए। प्रशासन ने सभी एजेंसियों को अलर्ट पर रखा।
महाराष्ट्र में मानसून के आगमन से पहले ठाणे जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। भारी बारिश और संभावित दुर्घटनाओं को देखते हुए ठाणे कलेक्टर ने जिले के सभी प्रमुख पुलों, खतरनाक इमारतों और सार्वजनिक संरचनाओं का Safety Audit कराने के आदेश जारी किए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, मानसून के दौरान ठाणे और आसपास के इलाकों में जलभराव, भवन हादसे और पुलों की क्षति जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने नगर निगम, लोक निर्माण विभाग (PWD), रेलवे और अन्य संबंधित एजेंसियों को तत्काल निरीक्षण शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर कार्यालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि पुराने पुलों, जर्जर इमारतों और संवेदनशील संरचनाओं की तकनीकी जांच कर उनकी मजबूती का मूल्यांकन किया जाए। जहां भी खतरा पाया जाए, वहां तुरंत मरम्मत, बैरिकेडिंग या आवश्यक कार्रवाई की जाए ताकि मानसून के दौरान किसी प्रकार की जनहानि न हो।
प्रशासन ने विशेष रूप से उन इमारतों पर ध्यान देने को कहा है जिन्हें पहले “खतरनाक” श्रेणी में रखा गया था। इसके अलावा नालों की सफाई, जलनिकासी व्यवस्था, पेड़ों की कटाई-छंटाई और आपदा प्रबंधन टीमों की तैयारी की भी समीक्षा की जा रही है।
ठाणे जिला प्रशासन ने सभी सरकारी विभागों को मानसून आपदा प्रबंधन प्लान अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही फायर ब्रिगेड, आपदा राहत बल और स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन सेवाओं को सक्रिय किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मुंबई महानगर क्षेत्र में हर साल मानसून के दौरान भारी बारिश के कारण इमारत गिरने, सड़क धंसने और पुल क्षतिग्रस्त होने जैसी घटनाएं सामने आती हैं। ऐसे में समय रहते Safety Audit और मरम्मत कार्य भविष्य की दुर्घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे जर्जर इमारतों, ढीले बिजली तारों और खतरनाक संरचनाओं की जानकारी तुरंत स्थानीय अधिकारियों को दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।


