महाराष्ट्र: अवैध लाउड स्पीकरों के खिलाफ कार्रवाई: हाईकोर्ट ने राज्य के गृह विभाग और डीजीपी को नोटिस जारी किया 

Mumbai: Action against illegal loudspeakers: High Court issues notice to state home department and DGP

महाराष्ट्र: अवैध लाउड स्पीकरों के खिलाफ कार्रवाई: हाईकोर्ट ने राज्य के गृह विभाग और डीजीपी को नोटिस जारी किया 

बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्यभर में विभिन्न धार्मिक और अन्य संस्थानों में लगाए गए अवैध लाउड स्पीकर के खिलाफ की गई दंडात्मक कार्रवाई का ब्यौरा मांगा है। कोर्ट ने प्रदेश के गृह विभाग और राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को कार्रवाई का विवरण देने का निर्देश दिया है। चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस अमित बोरकर की बेंच ने इस मुद्दे पर 6 हफ्ते में जानकारी पेश करने को कहा है। बेंच ऑथारिटी से जिलेवार अवैध लाउडस्पीकर के खिलाफ की गई कार्रवाई का ब्योरा मांगा है। बेंच ने याचिकाकर्ता को राज्य के गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS होम) और डीजीपी को याचिका में पक्षकार बनाने का निर्देश दिया। साथ ही उन्हें नोटिस जारी किया है।

मुंबई: बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्यभर में विभिन्न धार्मिक और अन्य संस्थानों में लगाए गए अवैध लाउड स्पीकर के खिलाफ की गई दंडात्मक कार्रवाई का ब्यौरा मांगा है। कोर्ट ने प्रदेश के गृह विभाग और राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को कार्रवाई का विवरण देने का निर्देश दिया है। चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस अमित बोरकर की बेंच ने इस मुद्दे पर 6 हफ्ते में जानकारी पेश करने को कहा है। बेंच ऑथारिटी से जिलेवार अवैध लाउडस्पीकर के खिलाफ की गई कार्रवाई का ब्योरा मांगा है। बेंच ने याचिकाकर्ता को राज्य के गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS होम) और डीजीपी को याचिका में पक्षकार बनाने का निर्देश दिया। साथ ही उन्हें नोटिस जारी किया है।

हाई कोर्ट बेंच ने क्या कहा
बेंच ने ACS होम और डीजीपी को याचिकाकर्ता को आरटीआई के जवाब में 2,940 अवैध लाउड स्पीकरों के संबंध में की गई कार्रवाई का खुलासा करने को कहा है। कोर्ट में न्यायालय की अवमानना से जुड़ी याचिका पर सुनवाई चल रही है। याचिका में कोर्ट द्वारा 2016 में धार्मिक स्थलों में लगाए गए अवैध लाउडस्पीकर के खिलाफ कार्रवाई के संबंध में दिए गए निर्देशों का पालन न करने का आरोप लगाया गया है। यह याचिका संतोष पचलग ने दायर की है। पचलग ने 2014 में पहले याचिका दायर की थी, जिसमें नवी मुंबई के प्रार्थना स्थलों पर लगे अवैध लाउडस्पीकर के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश देने की मांग की गई थी। अगस्त, 2016 में हाई कोर्ट की एक बेंच ने कहा था कि कोई भी धर्म या संप्रदाय यह दावा नहीं कर सकता है कि लाउडस्पीकर अथवा पब्लिक एड्रेस सिस्टम का इस्तेमाल संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत मौलिक अधिकार है।

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दो हफ्ते की मोहलत दी गई
कोर्ट के 2016 के आदेशों का पालन न होने से व्यथित पचलग ने अवमानना की याचिका दायर की है। उन्हें आरटीई के जवाब में अवैध लाउड स्पीकर के इस्तेमाल की जानकारी मिली थी। याचिका में पचलग ने दावा किया है कि अवैध लाउड स्पीकर का होना अगस्त 2016 के आदेश का स्पष्ट उल्लंघन है। इसके चलते बड़े पैमाने पर बुजुर्ग, मरीजों, बच्चों, विद्यार्थियों और पक्षियों को दिक्कत होती है। बेंच ने अब 8 हफ्ते बाद याचिका पर अगली सुनवाई रखी है। ऑथारिटी के जवाब के बाद याचिकाकर्ताओं को हलफनामा दायर करने के लिए दो हफ्ते की मोहलत दी गई है।

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