शिवसेना (उद्धव) का  'हर घर दस्तक' अभियान; 'शिवदूत' कार्यकर्ताओं की फौज 

Shivsena (Uddhav)'s 'knock at every house' campaign; army of 'Shivdoot' workers

शिवसेना (उद्धव) का  'हर घर दस्तक' अभियान; 'शिवदूत' कार्यकर्ताओं की फौज 

विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद शिवसेना (उद्धव) ने आगामी महानगरपालिकाओं के चुनाव की तैयारी तेजी से शुरू कर दी है। सूत्रों का कहना है कि आगामी चुनाव में पार्टी अपने दम पर चुनाव मैदान में उतर सकती है। इसी को देखते हुए उद्धव गुट ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के चुनावी फॉर्मूले पर काम करना शुरू कर दिया है। जिस तरह से विधानसभा चुनाव में आरएसएस ने भाजपा के लिए घर-घर जाकर काम किया था। अब उसी की तर्ज पर शिवसेना (उद्धव) ने अपने कार्यकर्ताओं को 'हर घर दस्तक' अभियान शुरू करने के आदेश दिए हैं।

मुंबई : विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद शिवसेना (उद्धव) ने आगामी महानगरपालिकाओं के चुनाव की तैयारी तेजी से शुरू कर दी है। सूत्रों का कहना है कि आगामी चुनाव में पार्टी अपने दम पर चुनाव मैदान में उतर सकती है। इसी को देखते हुए उद्धव गुट ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के चुनावी फॉर्मूले पर काम करना शुरू कर दिया है। जिस तरह से विधानसभा चुनाव में आरएसएस ने भाजपा के लिए घर-घर जाकर काम किया था। अब उसी की तर्ज पर शिवसेना (उद्धव) ने अपने कार्यकर्ताओं को 'हर घर दस्तक' अभियान शुरू करने के आदेश दिए हैं।

शिवसेना (उद्धव) के एक नेता ने 'दैनिक भास्कर' को बताया कि पार्टी के सभी नेता इस बात पर एकमत है कि पार्टी को आगामी सभी चुनाव अपने दम पर ही लड़ने चाहिए। इसके बाद ठाकरे ने पार्टी के अपने कार्यकर्ताओं को आरएसएस की तर्ज पर हर घर पहुंचने के आदेश दिए हैं। इसके लिए जिन शहरों में महानगरपालिका के चुनाव होने वाले हैं, वहां पर उद्धव गुट ने 'शिवदूत' नाम से कार्यकर्ताओं की फौज तैयार करनी शुरू कर दी है। ये शिवदूत हर घर दस्तक देंगे। ये शिवदूत हर विधानसभा क्षेत्र में अपने मतदाताओं को चिन्हित करने के साथ-साथ विरोधी दलों के मतदाताओं पर भी नजर रखेंगे।

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पार्टी प्रत्येक बूथ पर 15 से 20 क्रियाशील शिवसैनिकों की नियुक्ति करेगी, जो उस बूथ के प्रत्येक घर में जाकर लोगों से संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं की जानकारी लेंगे। पार्टी ने इन शिवसैनिकों को शिवदूत का नाम दिया गया है। इन पर मतदाताओं की संख्या के साथ-साथ मतदान प्रतिशत की जवाबदारी भी रहेगी। इसके अलावा परिवार में कितने वोटर हैं और उनकी क्या राय है, उसे जानने की भी कोशिश ये कार्यकर्ता करेंगे। मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए क्या कार्यप्रणाली बनाई जाए, इसका खाका भी तैयार किया जाएगा। पोलिंग एजेंट से लेकर बूथ प्रमुख की नियुक्ति का काम शाखा प्रमुख को दिया जाएगा। शाखा प्रमुख इसकी जानकारी उपविभाग प्रमुख को देगा और फिर यह जानकारी सीधे उद्धव ठाकरे तक पहुंचेगी।

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