मुंबई : आजाद मैदान में करीब 50 स्टूडेंट अनशन पर

Mumbai: About 50 students on hunger strike at Azad Maidan

मुंबई : आजाद मैदान में करीब 50 स्टूडेंट अनशन पर

आजाद मैदान में करीब 50 स्टूडेंट अनशन पर बैठे हैं. इन स्टूडेंट्स की मांग है कि साल 2023 में हुए दमकल विभाग की परीक्षा में जो स्टूडेंट वेटिंग लिस्ट में थे उन्हें प्राथमिकता मिलनी चाहिए. दरअसल, जिन स्टूडेंट्स के नाम कंफर्म लिस्ट में थे अगर वो किसी वजह से नौकरी पर नहीं जाते हैं और वह आगे चलकर डिस्क्वालीफाई हो जाते हैं, ऐसे में उन जगहों पर वेटिंग लिस्ट के स्टूडेंट्स को नौकरी मिले. 

मुंबई : आजाद मैदान में करीब 50 स्टूडेंट अनशन पर बैठे हैं. इन स्टूडेंट्स की मांग है कि साल 2023 में हुए दमकल विभाग की परीक्षा में जो स्टूडेंट वेटिंग लिस्ट में थे उन्हें प्राथमिकता मिलनी चाहिए. दरअसल, जिन स्टूडेंट्स के नाम कंफर्म लिस्ट में थे अगर वो किसी वजह से नौकरी पर नहीं जाते हैं और वह आगे चलकर डिस्क्वालीफाई हो जाते हैं, ऐसे में उन जगहों पर वेटिंग लिस्ट के स्टूडेंट्स को नौकरी मिले. 

बता दें ये स्टूडेंट 29 दिसंबर 2024 से ही आजाद मैदान में सरकार से अपनी मांगों को लेकर गुहार लगा रहे हैं. इस मामले में स्टूडेंट्स ने कई बार बीएमसी के बड़े अधिकारियों से भी मुलाकात की, लेकिन उन्हें आश्वासन के अलावा कुछ और नहीं मिला. महाराष्ट्र के अलग-अलग जिलों से आए इन स्टूडेंट्स में से नितिन बरबूड़े ने बताया कि नियम के मुताबिक, वेटिंग लिस्ट के स्टूडेंट्स को प्राथमिकता दी जाती है. 

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जनवरी 2023 में हुई थी परीक्षा
उन्होंने कहा,  हालांकि हमें तो यह भी नहीं पता था कि हमारा नाम वेटिंग लिस्ट में है. हमने अखबारों में पढ़ा है कि फायर ब्रिगेड विभाग में जिन स्टूडेंट्स ने कंफर्म लिस्ट में होने के बावजूद किसी न किसी वजह से नौकरी नहीं की, उनकी जगह पर वेटिंग लिस्ट के स्टूडेंट्स को नौकरी देने के बजाय पैसे लेकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है. जनवरी 2023 में 910 पदों के लिए परीक्षा हुई थी, जिसमें लगभग 42,534 स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी थी. 

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वहीं सारी प्रक्रिया के बाद वेटिंग लिस्ट बनाई गई जिसमें 277 स्टूडेंट्स के नाम थे, लेकिन आगे की प्रक्रिया के दौरान किसी न किसी वजह से 137 स्टूडेंट्स ने नौकरी हासिल नहीं की, उनकी जगह खाली रह गई. ऐसे में नियमों के मुताबिक, उन जगहों पर वेटिंग लिस्ट के स्टूडेंट्स को नौकरी देना होता है.  वहीं स्टूडेंट शुभम भामरे कहा, हम सरकार से किसी भी तरह का फेवर नहीं मांग रहे हैं, हम सारी परीक्षाओं को पास करते हुए इस लेवल पर पहुंचे हैं, तो जिस तरह साल 2015-16 में वेटिंग लिस्ट के स्टूडेंट्स को ही खाली जगह पर नौकरी दी गई थी उसी तरह इस बार भी हमें हमारा हक मिले.  

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एकनाथ शिंदे के निर्देश के बाद भी नहीं लिया गया एक्शन
उन्होंने कहा, जब एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री थे तो हमने उनसे मुलाकात की थी, जिसके बाद उन्होंने संबंधित विभाग को निर्देश दिया था कि आप स्टूडेंट्स के दावों की जांच करें और उचित कार्रवाई करें. लेकिन इतने दिन बीत जाने के बाद भी उनके निर्देश पर किसी भी तरह का एक्शन नहीं लिया गया.  साल 2015 में हुई परीक्षा 772 रिक्त पदों के लिए ली गई थी. उस समय की वेटिंग लिस्ट में 101 लोगों के नाम थे. प्रक्रिया जब आगे बढ़ी, तब कन्फर्म लिस्ट के कई स्टूडेंट्स ने नौकरी जॉइन नहीं की जिनकी जगह पर वेटिंग लिस्ट के स्टूडेंट्स को नौकरी दी गई. 

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