मुंबई : लीलावती ट्रस्ट में 500 करोड़ रुपए की हेराफेरी का आरोप; 9 जनवरी 2025 को मामले की अगली सुनवाई 

Mumbai: Allegations of Rs 500 crore fraud in Lilavati Trust; Next hearing of the case on 9 January 2025

मुंबई : लीलावती ट्रस्ट में 500 करोड़ रुपए की हेराफेरी का आरोप; 9 जनवरी 2025 को मामले की अगली सुनवाई 

लीलावती अस्पताल के ट्रस्टियों और एचडीएफसी बैंक द्वारा कथित उत्पीड़न से पूर्व ट्रस्टी किशोर मेहता की मौत का मामला बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंचा है। उन पर एवं उनके परिवार लीलावती ट्रस्ट में 500 करोड़ रुपए की हेराफेरी का आरोप है। दो ट्रस्टियों ने याचिकाएं दायर कर बांद्रा मजिस्ट्रेट कोर्ट के उनके खिलाफ नोटिस जारी करने और पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देने को चुनौती दी गई है।

मुंबई : लीलावती अस्पताल के ट्रस्टियों और एचडीएफसी बैंक द्वारा कथित उत्पीड़न से पूर्व ट्रस्टी किशोर मेहता की मौत का मामला बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंचा है। उन पर एवं उनके परिवार लीलावती ट्रस्ट में 500 करोड़ रुपए की हेराफेरी का आरोप है। दो ट्रस्टियों ने याचिकाएं दायर कर बांद्रा मजिस्ट्रेट कोर्ट के उनके खिलाफ नोटिस जारी करने और पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देने को चुनौती दी गई है। अदालत ने याचिकाकर्ताओं को याचिकाओं में बदलाव कर उनके खिलाफ दर्ज एफआईअार की कांपी जोड़ने का निर्देश दिया है। 9 जनवरी 2025 को मामले की अगली सुनवाई रखी गई है।

न्यायमूर्ति नीता केदार गोखले और न्यायमूर्ति अश्विन भोबे की पीठ के समक्ष आयुष्मान मेहता और चेतन मेहता की याचिकाओं पर सुनवाई हुई। याचिकाओं में दावा किया गया है कि पूर्व ट्रस्टी किशोर मेहता, उनके परिवार और महोति माथुर द्वारा करोड़ों रुपए के घोटाले से बचने के लिए तरह-तरह के झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में बांद्रा मजिस्ट्रेट कोर्ट में मुकदमा दायर किया गया। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को 29 नवंबर 2024 को समन और 12 दिसंबर 2024 नोटिस जारी किया। याचिकाओं में इसे रद्द करने का अनुरोध किया गया था।

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शिकायतकर्ता मोहित माथुर की ओर से पेश आबाद पोंडा ने पीठ को बताया कि बांद्रा मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश पर बांद्रा पुलिस ने लीलावती ट्रस्ट के ट्रस्टियों और एचडीएफसी बैंक के अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है। आरोप है कि अस्पताल ट्रस्टियों और बैंक वसूली विभाग द्वारा किशोर मेहता को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, जिससे उनकी 20 मई 2024 को मौत हो गई। इसके बाद पीठ ने याचिकाकर्ताओं को याचिका में बदलाव कर उसमें एफआईआर की कापी जोड़ने का निर्देश दिया है। इससे पहले लीलावती कीर्तीलाल मेहता मेडिकल ट्रस्ट के स्थायी ट्रस्टी राजेश मेहता की शिकायत अल्पसंख्यक आयोग की बैंक अधिकारियों के खिलाफ जारी नोटिस को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी। अदालत ने आयोग की नोटिस को रद्द कर दिया था। मृतक किशोर मेहता अल्पसंख्यक जैन समुदाय से हैं।

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