अस्पतालों में हुईं मौतों का मुद्दा; विपक्ष ने ऑक्सिजन मास्क पहनकर किया प्रदर्शन
The issue of deaths in hospitals; Opposition demonstrated wearing oxygen masks
नागपुर: विधानसभा के शीतकालीन सत्र का चौथा दिन नागपुर की ठंड में गरमाहट भरा रहा। जहां उद्योग मंत्री उदय सामंत ने बीएमसी के पिछले 25 साल के वित्तीय लेन-देन के ऑडिट के लिए एक समिति बनाने की घोषणा की, वहीं राज्य के अस्पतालों में हो रहीं मौतों के विरोध में विपक्ष ने ऑक्सिजन मास्क पहनकर प्रदर्शन किया।
नागपुर: विधानसभा के शीतकालीन सत्र का चौथा दिन नागपुर की ठंड में गरमाहट भरा रहा। जहां उद्योग मंत्री उदय सामंत ने बीएमसी के पिछले 25 साल के वित्तीय लेन-देन के ऑडिट के लिए एक समिति बनाने की घोषणा की, वहीं राज्य के अस्पतालों में हो रहीं मौतों के विरोध में विपक्ष ने ऑक्सिजन मास्क पहनकर प्रदर्शन किया। साथ ही दिशा सालियान की मौत के मामले की जांच के लिए एसआईटी के गठन की घोषणा भी की गई। राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति आनंद निर्गुडे (सेवानिवृत्त) का मामला भी सदन के अंदर और बाहर गूंजा।
उद्धव ठाकरे ने इसकी भी एसआईटी जांच की मांग की। वित्तमंत्री अजित पवार ने पुरानी पेंशन योजना के बाबत भी विधानसभा चुनाव से पहले निर्णय लेने की घोषणा की। मराठा आरक्षण का मामला भी चर्चा में रहा।
सरकारी अस्पतालों की बदहाली पर विपक्ष ने सरकार का ध्यान खींचा। आरोप लगाया कि स्वास्थ्य सेवाएं ‘वेंटिलेटर’ पर हैं। विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार, विधान परिषद में विपक्ष के नेता अंबादास दानवे, कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण, बालासाहेब थोरात व अन्य ने सफेद कोट पहने, स्टेथोस्कोप और स्ट्रेचर लेकर विधान भवन के बाहर सीढ़ियों पर नारेबाजी की। दानवे ने कहा कि नागपुर, नांदेड़, छत्रपति संभाजीनगर और ठाणे जिले के कलवा के सरकारी अस्पतालों में लापरवाही से कई मौतें हुई हैं।
विधानसभा में एक चर्चा के दौरान उद्योग मंत्री उदय सामंत ने मुंबई मनपा के पिछले 25 साल के वित्तीय लेनदेन की जांच के लिए समिति गठित करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि बीएमसी में घोटाला होने के आरोप लगाए जा रहे हैं, जिसकी जांच आवश्यक है। उनसे जब पूछा गया कि क्या नागपुर, पुणे, ठाणे, कल्याण-डोंबिवली सहित अन्य मनपा में भी ऐसी जांच की जाएगी? इस पर सामंत ने कहा कि ऐसी जांच की मांग करने का कोई कारण नहीं है।


