योगी आदित्यनाथ के खिलाफ विपक्ष के नहीं बल्कि उनके ही भाजपा विधायक विधानसभा के अंदर धरने पर बैठ गए

योगी आदित्यनाथ के खिलाफ विपक्ष के नहीं बल्कि उनके ही भाजपा विधायक विधानसभा के अंदर धरने पर बैठ गए

लखनऊ: योगी सरकार के खिलाफ अभी तक विपक्षी दल के नेता और छात्र संगठन ही उत्पीड़न का आरोप लगा रहे थे कि इसी बीच उन्हीं के विधायकों ने भी अपनी सरकार के खिलाफ उत्पीड़न का आरोप लगा दिया है. कुछ ऐसा ही आज उत्तर प्रदेश में हुआ जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ विपक्ष के नहीं बल्कि उनके ही विधायक विधानसभा के अंदर धरने पर बैठ गए.

यूपी विधानसभा में लगे विधायक एकता जिंदाबाद के नारे
जैसे ही भाजपा के विधायक धरने पर बैठे तभी उनके साथ विपक्ष के भी तमाम विधायक सदन में धरने पर बैठ गए और विधायक एकता जिंदाबाद का नारा लगाने लगे. नाराज़ विधायकों को मनाने के लिए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा जुटे हुए हैं. धरने पर बैठे विधायकों की संख्या 100 से 150 के करीब बताई जा रही है. बता दें कि धरने पर बैठे विधायकों के पास मीडिया को जाने नहीं दिया जा रहा है.

Read More मुंब्रा रेलवे स्टेशन ट्रैक के पास आग; तुरंत काबू पा लिया गया

क्यों बैठे भाजपा विधायक धरने पर
दरअसल, गाजियाबाद से बीजेपी विधायक नंद किशोर गुर्जर सदन में अपनी बात रख रहे थे, लेकिन उन्हें बोलने नहीं दिया गया. नंद किशोर का आरोप है कि उन्हें गाजियाबाद पुलिस ने प्रताड़ित किया है. इसी बात को लेकर वह विधानसभा में अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन सदन के अंदर उन्हें बोलने नहीं दिया गया.

Read More मुंबई:  ‘डंकी रूट’; क्राइम ब्रांच ने एयरपोर्ट में प्रवेश करने से लेकर फ्लाइट में चढ़ने तक की पूरी कार्यप्रणाली का प्रदर्शन किया

नंद किशोर इस बात से नाराज होकर विधानसभा के अंदर धरने पर बैठ गए. इस दौरान उन्हें अन्य विधायकों का भी साथ मिला. इस बीच हंगामा बढ़ने के बाद सदन की कार्यवाही 45 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई है. इसके बाद दूसरे दल के विधायक भी समर्थन में आ गए फिर विधानसभा कल के लिए स्थगित करनी पड़ी.

Read More मुंबई और बेंगलुरू की फ्लाइट का समय परिवर्तित

पहली बार हुआ ऐसा
निर्दलीय विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया, कांग्रेस नेता आराधना मिश्रा मोना और बसपा के लालजी वर्मा ने कहा कि विधानसभा के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि सत्ता पक्ष के विधायकों के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी .

Read More मुंबई : सैफ अली खान पर हमले के आरोपी मोहम्मद शरीफुल इस्लाम शहजाद के जमानत अर्जी पर सुनवाई 17 अप्रैल 

दरअसल गुर्जर सदन में अपनी बात रखना चाहते थे, जिसकी अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने अनुमति नहीं दी. इसके खिलाफ पहले तो सदन के बाहर लॉबी में विरोध प्रकट किया गया लेकिन बाद में गुर्जर सहित उनके समर्थक भाजपा विधायक सदन में आ गये और नारेबाजी करने लगे. उनका साथ विपक्षी सदस्यों ने भी दिया. नारेबाजी में भाजपा के सौ से अधिक विधायक शामिल थे.

दीक्षित ने हंगामे के कारण अपराह्र लगभग पौने दो बजे सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी. इसके बाद पंद्रह-पंद्रह मिनट के लिए दो बार सदन की कार्यवाही स्थगित की गई. कार्यवाही फिर शुरू होने पर भी सत्ता पक्ष ही नहीं बल्कि विपक्षी विधायकों ने फिर से नारेबाजी शुरू कर दी. वे ‘विधायक एकता जिन्दाबाद’ के नारे लगा रहे थे. इसके बाद सदन की बैठक पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गयी.

सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक हालांकि कार्यवाही स्थगित होने के बाद भी विरोधस्वरूप सदन में ही बैठे रहे.

स्थगन के दौरान संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना और गन्ना मंत्री सुरेश राणा सहित सरकार के कुछ मंत्री गुर्जर को समझाते नजर आये लेकिन बात बनी नहीं.

Tags: