ठाणे में मेट्रो कार्यों और वाहनों से निकलनेवाले धुएं के कारण हवा प्रदूषित...
The air in Thane is polluted due to metro works and smoke emanating from vehicles.
इस मामले का खुलासा ठाणे महानगरपालिका के प्रदूषण विभाग द्वारा उनके ऐप पर जारी की गई जानकारी में हुआ। इस सत्यापन में शाहू मार्केट नौपाड़ा क्षेत्र, जो सबसे कम प्रदूषित वाणिज्यिक क्षेत्र है, का वायु गुणवत्ता सूचकांक १२० है। इसमें धूल की मात्रा १३० है। औद्योगिक क्षेत्र में रेप्टाकोस ब्रेट एंड कंपनी के अंतर्गत वर्तक नगर एवं अन्य स्थानों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक १२४ एवं धूल का स्तर १३५ पाया गया है। कोपरी वार्ड कार्यालय, जो एक आवासीय क्षेत्र है, वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक १३८ दर्ज किया गया और धूल कणों की मात्रा १५७ पाई गई।
ठाणे : ठाणे मनपा द्वारा मिली जानकरी के अनुसार ठाणे शहर में मेट्रो कार्यों और वाहनों से निकलनेवाले धुएं के कारण ठाणे की हवा प्रदूषित हो गई है। मनपा प्रदूषण नियंत्रण विभाग का दावा है कि शहर की हवा फिलहाल मध्यम प्रदूषित श्रेणी में है, वहीं औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक १४५.५ पाया गया। बता दें कि पिछले एक वर्ष में ट्रैफिक जाम, शहरीकरण, वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण ठाणे शहर की हवा में प्रदूषण की मात्रा बढ़ गई है। २३ से ३१ अक्टूबर के बीच शहर के विभिन्न हिस्सों में किए गए सर्वे में औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक १४५.५ पाया गया है। प्रदूषण में वृद्धि के बावजूद ठाणे शहर की हवा पड़ोसी शहर मुंबई की तुलना में अधिक स्वच्छ प्रतीत होती है।
यह गुणवत्ता मध्यम प्रदूषित पीली श्रेणी में आती है। इस मामले का खुलासा ठाणे महानगरपालिका के प्रदूषण विभाग द्वारा उनके ऐप पर जारी की गई जानकारी में हुआ। इस सत्यापन में शाहू मार्केट नौपाड़ा क्षेत्र, जो सबसे कम प्रदूषित वाणिज्यिक क्षेत्र है, का वायु गुणवत्ता सूचकांक १२० है। इसमें धूल की मात्रा १३० है। औद्योगिक क्षेत्र में रेप्टाकोस ब्रेट एंड कंपनी के अंतर्गत वर्तक नगर एवं अन्य स्थानों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक १२४ एवं धूल का स्तर १३५ पाया गया है। कोपरी वार्ड कार्यालय, जो एक आवासीय क्षेत्र है, वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक १३८ दर्ज किया गया और धूल कणों की मात्रा १५७ पाई गई।
उच्चतम वायु गुणवत्ता सूचकांक तीन हाथ नाका पर १६० दर्ज किया गया, जबकि धूल की मात्रा १९० पाई गई। इसके तहत शहर के १६ प्रमुख चौक-चौराहों पर प्रदूषण की गणना की गई है।
ठाणे के घोड़बंदर, कोलशेत, ढोकाली, वर्तकनगर, कलवा आदि सहित शहर के कई हिस्सों में नए विकसित कार्यों के साथ आवास परिसर भी बन रहे हैं। हाउसिंग कॉम्प्लेक्स से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए मनपा आयुक्त अभिजीत बांगर ने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे कि उनके द्वारा परिवहन किए जानेवाले वाहनों से सड़क पर मिट्टी या धूल का प्रदूषण न हो। इसके बावजूद ऐसा लगता है कि कई जगहों पर डेवलपर्स ने इसका ध्यान नहीं रखा है। दरअसल, मनपा की ओर से भी ऐसे डेवलपर्स के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।


