राष्ट्रीय सेवक संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत ने कहा देश में रोटी, कपड़ा और मकान के साथ शिक्षा व स्वास्थ्य के बारे में चर्चा हो

Sarsanghchalak of Rashtriya Sevak Sangh Dr. Mohan Bhagwat said that there should be discussion about education and health along with bread, cloth and house in the country.

राष्ट्रीय सेवक संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत ने कहा देश में रोटी, कपड़ा और मकान के साथ शिक्षा व स्वास्थ्य के बारे में चर्चा हो

 

मुंबई। राष्ट्रीय सेवक संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत ने कहा कि देश में आज के समाज के लिए न केवल रोटी, कपड़ा और मकान बल्कि स्वास्थ्य और शिक्षा भी महत्वपूर्ण है। भागवत ने कहा कि आज समाज में 40 फीसदी से ज्यादा अन्य विषयों पर चर्चा हो रही है लेकिन शिक्षा और स्वास्थ्य के बारे में भी चर्चा होना जरूरी है।

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डॉ मोहन भागवत ने मुंबई के कांदिवली इलाके में धनकुवरबेन बाबूभाई ढाकने अस्पताल का उद्घाटन करते हुए यह विचार व्यक्त किए हैं। इस मौके पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस उपस्थित थे।

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डॉ मोहन भागवत ने कहा कि कई बार हम नकारात्मक बातें सुनते हैं लेकिन जब हम देशभर में यात्रा करते हैं, तो हमें पता चलता है कि भारत में बुरी चीजों की तुलना में अच्छी चीजें ज्यादा हो रही हैं। उनके बारे में 40 गुना ज्यादा बातें हो रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि आज देश की समृद्धि का कारण केंद्र सरकार की योजनाएं और केंद्र सरकार में बैठे जिम्मेदार लोग हैं। उन्होंने कहा कि कुछ चीजें इस वजह से भी अच्छी चल रही हैं क्योंकि कुछ लोग काम नहीं कर रहे हैं, अगर काम करेंगे तो दिक्कतें आएंगी।

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भागवत ने कहा कि भारत को गौरव हासिल करते देखने की इच्छा 40 साल पहले की तुलना में अब अधिक है। हम प्रगति कर रहे हैं लेकिन अब भी बहुत मजबूत नहीं हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्हें हमारी प्रगति नजर नहीं आती। भागवत ने आगे कहा कि आज के समाज के लिए न केवल भोजन, कपड़ा और मकान बल्कि शिक्षा और स्वास्थ्य भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अच्छी और बुरी चीजों के निर्धारण का मापदंड क्या है? एक चीज है जो दिखाई देती है और एक चीज है जो वास्तव में घटित हो रही है। कोई काम को हो गया हुआ भी दिखा सकता है, चाहे वह किया गया हो या नहीं। उन्होंने कहा कि हमारे मामले में दो चीजें महत्वपूर्ण हैं। एक तो अच्छा काम करना और दिखाना कि अच्छा काम किया गया है।

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