मुस्लिम धर्मगुरु ख्वाजा सैयद चिश्ती उर्फ जरीफ बाबा की हत्या के मामले में सनसनीखेज जानकारी

Sensational information in the murder case of Muslim religious leader Khwaja Syed Chishti alias Zarif Baba

मुस्लिम धर्मगुरु ख्वाजा सैयद चिश्ती उर्फ जरीफ बाबा की  हत्या के मामले में सनसनीखेज जानकारी

नासिक : नासिक के येवला में अफगानी मूल के मुस्लिम धर्मगुरु ख्वाजा सैयद चिश्ती उर्फ जरीफ बाबा की मंगलवार देर रात हुई हत्या के मामले में सनसनीखेज जानकारी सामने आई है। पुलिसिया जांच में पता चला है कि ३५ वर्षीय जरीफ बाबा पर आईबी की बहुत पहले से नजर थी।

जरीफ बाबा मूलरूप से अफगानी नागरिक था तथा वह तालिबान के डर से भागकर हिंदुस्थान आया था। यहां पर वह बॉलीवुड के तीन खानों (सलमान, शाहरुख और आमिर) के नाम का इस्तेमाल करके करोड़ों की कमाईकर रहा था।

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बता दें कि जरीफ बाबा अपने वीडियो में शाहरुख, सलमान और आमिर खान की तस्वीर और उनके एडिटेड वीडियो का इस्तेमाल कर यह बताने का प्रयास करता था कि ‘खान’ स्टार्स उन्हें और उनकी बातों को मान कर इतने बड़े बने हैं।

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शाहरुख, सलमान और आमिर खान के नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल करने की वजह से कुछ ही समय में बाबा के सब्सक्राइबर की संख्या लाखों में पहुंच गई। उनके एक यूट्यूब चैनल पर २ लाख २७ हजार, फेसबुक पर ५ लाख और इंस्टाग्राम पर १७.५ हजार से ज्यादा फॉलोअर्स थे।

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उनके चाहने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही थी। सिर्फ यू-ट्यूब पर उनके ६ करोड़ से ज्यादा व्यू थे। बाबा के नाम पर दो और यूट्यूब चैनल भी हैं। माना जा रहा है कि ये चैनल भी जरीफ बाबा की कमाई का सबसे बड़ा माध्यम थे। इन वीडियोज के सहारे बाबा के फॉलोअर्स और कमाई तेजी से बढ़ी।

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बाबा को अपने यूट्यूब चैनल के साथ-साथ कुछ धार्मिक संगठनों से भी बड़ी रकम मिल रही थी। इसके बाद वे इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के रडार पर आ गए थे। वावी पुलिस ने साल २०२१ में जरीफ बाबा, उनकी पत्नी और ड्राइवर गफ्फार की जांच करके एक रिपोर्ट २२ अप्रैल २०२१ को आईबी को सौंपी थी।

एसपी सचिन पाटील ने बताया, ‘चूंकि सूफी बाबा शरणार्थी थे, इसलिए वह यहां संपत्ति नहीं खरीद सकते थे। उनके पास बैंक खाते नहीं थे, इसलिए उन्होंने अपने एक करीबी के नाम पर बैंक खाता खोला। किसी और के नाम पर एक एसयूवी ५०० खरीदी। इसलिए यह ट्रैक करने में थोड़ा समय लग सकता है कि बाबा के पास कितनी प्रॉपर्टी थी।’

एक अनुमान के अनुसार मौजूदा समय में बाबा के पास ४ करोड़ की प्रॉपर्टी थी। कुछ दिन पहले बाबा ने येवला में १५ एकड़ की जमीन खरीदी थी। यह कहा जा रहा है कि यहीं बाबा अपना स्थायी ठिकाना बनाना चाहते थे। बाबा ने कुछ दिन पहले ही कीमती स्टोन बेचने का बिजनेस भी शुरू किया था।