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                <title>revelations - Rokthok Lekhani</title>
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                <description>revelations RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : एमबीए छात्रों की मौत के मामले में बड़ा खुलासा; एक सप्लायर गिरफ्तार, नेटवर्क की जांच तेज</title>
                                    <description><![CDATA[<p>गोरेगांव ईस्ट में आयोजित एक म्यूजिक कॉन्सर्ट के दौरान ड्रग ओवरडोज से दो एमबीए छात्रों की मौत के मामले में मुंबई पुलिस की जांच में अहम खुलासे हुए हैं। वनराई पुलिस के मुताबिक, इस मामले में एक कॉलेज छात्र को गिरफ्तार किया गया है, जिसने दोनों मृतकों को एमडीएमए की गोलियां बेची थीं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49231/big-revelation-in-the-case-of-death-of-mumbai-mba"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-15t133039.504.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>गोरेगांव ईस्ट में आयोजित एक म्यूजिक कॉन्सर्ट के दौरान ड्रग ओवरडोज से दो एमबीए छात्रों की मौत के मामले में मुंबई पुलिस की जांच में अहम खुलासे हुए हैं। वनराई पुलिस के मुताबिक, इस मामले में एक कॉलेज छात्र को गिरफ्तार किया गया है, जिसने दोनों मृतकों को एमडीएमए की गोलियां बेची थीं।</p>
<p> </p>
<p>पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी छात्र ने प्रति गोली 1600 रुपये के हिसाब से ड्रग्स की बिक्री की थी। जानकारी के अनुसार, दोनों छात्रों ने कुल चार गोलियां ली थीं, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 13:31:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई : आतंकियों ने किए चौकाने वाले खुलासे, अयोध्या, दिल्ली और मुंबई समेत निशाने पर थे कई शहर, हो चुकी थी रेकी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पकड़े गए कथित आतंकियों ने पुलिस की जांच में कई चौकाने वाले खुलासे किए हैं। आतंकियों ने खुलासा किया है कि इन लोगों ने दिल्ली, मुंबई, अयोध्या समेत देश के कई भीड़ और धार्मिक स्थानों की रेकी कर ली थी। इससे संबंधित वीडियो भी आरोपियों के मोबाइल से बरामद हुए हैं। फिलहाल यह लोग हथियारों के इंतजाम में लगे हुए थे। बांग्लादेश में बैठा शब्बीर अहमद लोन उर्फ राजा व विदेश में बैठा सैद-उल-इस्लाम इनकी मदद कर रहे थे। स्पेशल सेल के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त पीएस कुशवाहा ने बताया कि सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर इनकी रिमांड मांगी जा रही है। पुलिस कस्टडी में लेकर इनसे बाकी राज खुलवाने का प्रयास किया जाएगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47940/good-news-for-mumbaikars-now-tea-and-water-will-be"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-23t113042.023.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>पकड़े गए कथित आतंकियों ने पुलिस की जांच में कई चौकाने वाले खुलासे किए हैं। आतंकियों ने खुलासा किया है कि इन लोगों ने दिल्ली, मुंबई, अयोध्या समेत देश के कई भीड़ और धार्मिक स्थानों की रेकी कर ली थी। इससे संबंधित वीडियो भी आरोपियों के मोबाइल से बरामद हुए हैं। फिलहाल यह लोग हथियारों के इंतजाम में लगे हुए थे। बांग्लादेश में बैठा शब्बीर अहमद लोन उर्फ राजा व विदेश में बैठा सैद-उल-इस्लाम इनकी मदद कर रहे थे। स्पेशल सेल के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त पीएस कुशवाहा ने बताया कि सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर इनकी रिमांड मांगी जा रही है। पुलिस कस्टडी में लेकर इनसे बाकी राज खुलवाने का प्रयास किया जाएगा।</p>
<p> </p>
<p>कुशवाहा ने बताया कि मूलरूप से कंगन, श्रीनगर, जम्मू एवं कश्मीर का रहने वाला लश्कर आतंकी शब्बीर अहमद लोन को सेल की टीम ने वर्ष 2007 में दिल्ली से एके-47 और हैंड ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार किया था। दरअसल उस समय शब्बीर फिदायीन हमले में देश के किसी बड़े नेता को मारने की फिराक में था। मामले में उसको सजा भी हो गई। वर्ष 2018-19 में वह अपनी सजा पूरी करने के बाद दिल्ली की तिहाड़ जेल से निकला। इसके बाद वह सैद-उल-इस्लाम की मदद से बांग्लादेश भाग गया। वहां पहुंचने के बाद इसने लश्कर के कमांडरों से दोबारा संपर्क किया और बांग्लादेश में दोबारा अपना सेटअप खड़ा कर लिया। वह बांग्लादेश से लड़के भारत भेज रहा था। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला है कि शब्बीर बांग्लादेश के रास्ते कई बार पाकिस्तान गया और वहां लश्कर के आतंकी कैंप में ट्रेनिंग लेकर आया। </p>
<p>वहां वह हाफिज सईद की जमात-उद-दावा और जकी-उर-रहमान लखवी के संपर्क में रहा। इसके बाद से वह लगातार भारत विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहा है। दूसरे देश में बैठा सैद-उल-इस्लाम भी उसके संपर्क में है। शब्बीर के कहने पर उमर फारूक व रबि-उल-इस्लाम ने दिल्ली में पोस्टर लगाए थे। इनमें बुरहान वानी का जिक्र कर उसे हीरो बताया गया। ठीक इसी तरह 10 फरवरी को कोलकाता में भी ऐसा ही पोस्टर लगाए गए थे। </p>
<p><strong>2018-2019 में तिहाड़ जेल से रिहा हुआ शब्बीर </strong><br />छानबीन के दौरान पता चला है कि आरोपी उमर व रबि-उल-इस्लाम दोनों दिखाने के लिए कोलकाता में किसी गारमेंट फैक्टरी में काम करते थे। तमिलनाडु से पकड़े गए आरोपी भी कपड़ों की फैक्टरी में काम कर रहे थे। छानबीन के दौरान पता चला है कि शब्बीर के सारे इंतजाम पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई कर रही थी। उसकी मदद से यह बांग्लादेशी लड़कों को लश्कर में भर्ती कर अवैध रूप से भारत भेज रहा था। इनका मकसद किसी भी सूरत में भारत में हमला करने का था। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर बाकी साथियों का पता लगा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Feb 2026 11:31:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : ७२ वर्षीय बुजुर्ग के साथ ५२ करोड़ रुपए के साइबर फ्रॉड मामले में सनसनीखेज खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई में ७२ वर्षीय बुजुर्ग के साथ ५२ करोड़ रुपए के साइबर फ्रॉड मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। आरोपियों ने ५२ करोड़ रुपए की बड़ी रकम ट्रांसफर करने के लिए चीन, इंडोनेशिया और हांगकांग में तकरीबन १० हजार फर्जी बैंक खाते खुलवाए थे। बता दें कि महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने ५८ करोड़ रुपए के ‘डिजिटल अरेस्ट’ केस में २,५०० पेज की चार्जशीट फाइल की है, जिसमें ३२ गिरफ्तार लोगों और ४१ वॉन्टेड आरोपियों के नाम हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46871/mumbai-sensational-revelation-in-cyber-fraud-case-of-rs-52"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/download---2026-01-10t121404.387.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई में ७२ वर्षीय बुजुर्ग के साथ ५२ करोड़ रुपए के साइबर फ्रॉड मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। आरोपियों ने ५२ करोड़ रुपए की बड़ी रकम ट्रांसफर करने के लिए चीन, इंडोनेशिया और हांगकांग में तकरीबन १० हजार फर्जी बैंक खाते खुलवाए थे। बता दें कि महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने ५८ करोड़ रुपए के ‘डिजिटल अरेस्ट’ केस में २,५०० पेज की चार्जशीट फाइल की है, जिसमें ३२ गिरफ्तार लोगों और ४१ वॉन्टेड आरोपियों के नाम हैं। स्कैम में अहम भूमिका निभाने वाले और फरार कुछ आरोपियों जैसे अजमेर के विजय खन्ना और देवेंद्र सैनी के बारे में जानकारी देने पर इनाम की घोषणा की गई है।</p>
<p> </p>
<p>पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, इस मामले में चीन, इंडोनेशिया और हांगकांग से जुड़े १०,००० से ज्यादा बैंक अकाउंट इस्तेमाल किए गए थे। इन अकाउंट का इस्तेमाल साइबर क्रिमिनल्स ने ५८ करोड़ रुपए बॉर्डर पार भेजने के लिए किया था। पैसे को क्रिप्टो करेंसी में भी बदला गया और डिजिटल वॉलेट के जरिए विदेश भेजा गया।</p>
<p><strong>फर्मों के नाम से करंट अकाउंट</strong><br />जांच अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों ने अलग-अलग फर्मों के नाम पर करंट बैंक अकाउंट भी खोले थे, जिनका इस्तेमाल इस स्कैम में किया गया। यह स्कैम अगस्त २०२५ में शुरू हुआ था, जब मुंबई के एक ७२ वर्षीय बुजुर्ग को धोखेबाजों ने फंसाया, जिन्होंने खुद को पुलिस अधिकारी बताया था।</p>
<p><strong>यह है मामला</strong><br />सीनियर सिटीजन से सबसे पहले एक आदमी ने कॉन्टैक्ट किया, जो खुद को टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) का ऑफिसर बता रहा था। उसने आरोप लगाया कि उसके मोबाइल नंबर का इस्तेमाल गैर-कानूनी मैसेज भेजने के लिए किया जा रहा है। फिर कॉल दूसरे धोखेबाज को ट्रांसफर कर दी गई जो मुंबई क्राइम ब्रांच का ऑफिसर बनकर आया था, जिसने दावा किया कि पीड़ित के बैंक अकाउंट मनी-लॉन्ड्रिंग एक्टिविटीज से जुड़े हैं। उसे ‘डिजिटल अरेस्ट’ किया गया है और अगर उसने सहयोग नहीं किया तो उसकी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी। यह कहकर डराया था। आरोपियों ने वीडियो कॉल पर कोर्ट कार्रवाई की बात की थी, जिससे डरकर पीड़ित ने ४० दिनों में ५८ करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम ट्रांसफर कर दी थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/46871/mumbai-sensational-revelation-in-cyber-fraud-case-of-rs-52</link>
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                <pubDate>Sat, 10 Jan 2026 12:15:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : साइबर फ्रॉड ने मुंबई को झकझोरा, 5 साल की रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा, हर उम्र का व्यक्ति फंसा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई में साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। साल 2020 से अब तक करीब 20,000 से अधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। जिनमें लोगों को कुल 2,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का गवां चुके है। लेकिन इस राशि की रिकवरी ठगी की रकम के मुकाबले बेहद कम हो रही है। हालांकि मुंबई साइबर पुलिस जालसाजों को पकड़ने और ठगी की रकम वसलूने का काम कर रही है। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45849/mumbai-cyber-fraud-shocked-mumbai-shocking-revelation-in-5-year"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-11/download---2025-11-29t121010.210.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> मुंबई में साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। साल 2020 से अब तक करीब 20,000 से अधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। जिनमें लोगों को कुल 2,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का गवां चुके है। लेकिन इस राशि की रिकवरी ठगी की रकम के मुकाबले बेहद कम हो रही है। हालांकि मुंबई साइबर पुलिस जालसाजों को पकड़ने और ठगी की रकम वसलूने का काम कर रही है। </p>
<p> </p>
<p>जालसाज व्यवसायी, गृहिणियां, नौकरीपेशा से लेकर रिटायर्ड बुजुर्ग तक हर वर्ग का व्यक्ति इन ठगों के जाल में फंस रहे है। ठग क्रेडिट-डेबिट कार्ड क्लोनिंग, डेटा चोरी, सिम स्वैप, स्किमिंग जैसे परिष्कृत तरीके अपना रहे हैं। लेकिन पीड़ितों की मुश्किल यहीं खत्म नहीं होती दिख रही है। बैंक भी आरबीआई के ‘शून्य दायित्व’ नियमों को नजरअंदाज कर बार-बार क्लेम रिजेक्ट कर देते हैं।</p>
<p>महाराष्ट्र साइबर सेल के आंकड़ों के मुताबिक, केवल क्रेडिट-डेबिट कार्ड, एटीएम फ्रॉड, सिम स्वैप, क्लोनिंग और ओटीपी शेयरिंग से जुड़े 4,132 मामले दर्ज हुए हैं। इनमें कुल नुकसान 161.5 करोड़ रुपये रहा, जबकि पुलिस मात्र 4.8 करोड़ रुपये ही रिकवर कर पाई है। जब तक पीड़ित जानबूझकर संवेदनशील जानकारी साझा नहीं करते, बैंक जिम्मेदार हैं।</p>
<p><strong>आरबीआई के मौजूदा नियम</strong><br />अगर ग्राहक 3 कार्यदिवस के अंदर धोखाधड़ी की सूचना दे, तो उसकी देयता शून्य है<br />4-7 दिन में सूचना देने पर अधिकतम 25,000 रुपये तक की देयता<br />केवल तभी ग्राहक पूरी तरह जिम्मेदार होता है, जब वह जानबूझकर पिन/ओटीपी शेयर करे<br />बैंक को 10 कार्यदिवस में राशि वापस करनी होती है और 90 दिन में पूरी शिकायत निपटानी होती है</p>
<p><strong>बैंकों के खिलाफ हो कार्रवाई</strong><br />बैंक अक्सर आरबीआई के शून्य-देयता नियमों की अनदेखी करते हैं। इसके लिए सख्त केवाईसी, तेज कार्ड ब्लॉकिंग, बेहतर समन्वय और सुरक्षा मानदंडों का उल्लंघन करने वाले बैंकों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, धोखाधड़ी के ये मामले कई तरीकों से जुड़े होते है। </p>
<p><strong>क्रेडिट कार्ड की क्लोनिंग कर के पैसे निकाले</strong><br />एक उदाहरण साकीनाका निवासी व्यवसायी रोमलजीत कौर मक्कड़ का है। जिनके क्रेडिट कार्ड की क्लोनिंग की गई और उन्हें 2।5 लाख रुपये का चूना लगा। 3 अप्रैल को, जब वह मुंबई स्थित अपने कार्यालय में एक मीटिंग में शामिल होने के लिए गई थी। तब उनके क्रेडिट कार्ड के साथ लखनऊ स्थित एक मर्चेंट मशीन से धोखाधड़ी वाले लेनदेन किए गए। मक्कड़ ने आरोप लगाया कि हो सकता है कि उस दिन खरीदारी के दौरान सीसीटीवी में उनका पिन कैद हो गया होगा। </p>
<p><strong>बैंक डाल रहे बोझ</strong><br />वर्किंग वीमेन मुमताज खान ने कहा कि ग्राहकों की सुरक्षा करने के बजाय, बैंक अक्सर उन पर ही बोझ डाल देते हैं। जिससे अनगिनत नागरिक धोखाधड़ी होने के बाद भी लंबे समय तक कानूनी नोटिस, वसूली के लिए कॉल और नौकरशाही की उदासीनता से जूझते रहते हैं। </p>
<p><strong>क्या बोलते है साइबर एक्सपर्ट?</strong><br />साइबर एक्सपर्ट एडवोकेट लूसी मैसी ने बताया कि धोखेबाज लीक और एटीएम स्कीमर के जरिए कार्ड का डाटा चुराते है, ओटीपी शेयर करने के लिए पीड़ितों को जिम्मेदार ठहराना गलत है। क्योंकि इस तरह की धोखाधड़ी आमतौर पर डेटा लीक और कमजोर सत्यापन जैसी व्यवस्थागत खामियों से उपजती है, जिससे बैंकों यानी ग्राहकों पर पूरे पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा की जिम्मेदारी आ जाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/45849/mumbai-cyber-fraud-shocked-mumbai-shocking-revelation-in-5-year</link>
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                <pubDate>Sat, 29 Nov 2025 18:11:47 +0530</pubDate>
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